भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को तमिलनाडु के मदुरै स्थित थोप्पुर में बने एम्स कैंपस के बहुप्रतीक्षित पहले चरण का उद्घाटन करेंगे. यह कदम राज्य की सबसे अधिक चर्चा में रही स्वास्थ्य परियोजनाओं में से एक के लिए अहम माना जा रहा है. 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले घोषित इस संस्थान को जमीन अधिग्रहण और वित्तीय कारणों से कई बार देरी का सामना करना पड़ा, जिसके चलते यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार राजनीतिक बहस का विषय बनी रही.
मार्च तक शुरू हो सकती हैं आंशिक सेवाएं
एम्स मदुरै के कार्यकारी निदेशक और सीईओ एम. हनुमंत राव के अनुसार प्रधानमंत्री ने अपनी प्रस्तावित यात्रा के दौरान संचालन के शुरुआती चरण को शुरू करने के लिए सहमति दे दी है. अधिकारियों ने बताया कि कैंपस अब लगभग तैयार है और वर्षों की धीमी प्रगति के बाद मार्च तक आंशिक सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है. पहले चरण के तहत रामनाथपुरम में अस्थायी एम्स सुविधा में पढ़ रहे छात्रों को स्थायी मदुरै कैंपस में स्थानांतरित किया जाएगा. वहीं शैक्षणिक गतिविधियां 2026-27 शैक्षणिक सत्र से शुरू होने की संभावना है.
सीमित क्षमता में शुरू होगा अस्पताल संचालन
इसके तहत अस्पताल के कुछ चयनित ब्लॉक और बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता के लिए शुरू की जाएंगी, जिससे संस्थान शुरुआती तौर पर सीमित लेकिन प्रभावी रूप में काम करना शुरू कर सकेगा. आगामी राज्य विधानसभा चुनावों से पहले होने वाला यह उद्घाटन राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है. एम्स मदुरै परियोजना लंबे समय से तमिलनाडु की सियासी बहसों का हिस्सा रही है, जहां सत्तारूढ़ डीएमके ने केंद्र सरकार पर समय पर अमल किए बिना इस बड़े संस्थान की घोषणा करने का आरोप लगाया है.
देरी को लेकर मुख्यमंत्री स्टालिन की आलोचना
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने हाल ही में परियोजना में हुई लंबी देरी की आलोचना करते हुए कहा था कि राज्य ऐसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे के तेज क्रियान्वयन का हकदार है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी की मदुरै यात्रा के दौरान अन्य पूरे हो चुके विकास कार्यों का उद्घाटन और राज्य में सहयोगियों के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए की एक सार्वजनिक बैठक में भागीदारी भी शामिल हो सकती है.
चुनाव से पहले एनडीए को मिल सकता है फायदा
भाजपा नेताओं का मानना है कि विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले एम्स के उद्घाटन से एनडीए को राजनीतिक रूप से लाभ मिल सकता है. इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और विकास को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता भी उजागर होगी. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विस्तृत कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि मदुरै का यह दौरा पूरे तमिलनाडु में व्यापक सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनेगा.

