PM Surya Ghar Yojana: देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम लोगों को बिजली के बढ़ते खर्च से राहत दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक 40 लाख घर रूफटॉप सोलर प्रणाली से जुड़ चुके हैं. केंद्र सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल करोड़ों परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि देश को हरित ऊर्जा की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ा रही है.
40 लाख घरों तक पहुंची योजना
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर से जुड़े घरों की संख्या 40 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है.
हरदीप सिंह पुरी ने क्या कहा
हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल न केवल देश के आम नागरिकों को बिजली के बिलों से मुक्ति दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि पर्यावरण की रक्षा भी कर रही है.” उन्होंने आगे कहा, “भारत सोलर पावर का सुपरहाउस बन चुका है और क्लीन एनर्जी में यह देश की सबसे बड़ी उपलब्धि है.”
पीयूष गोयल ने बताया ऊर्जा क्रांति
इस उपलब्धि पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी खुशी जताई. पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “परिवार सशक्त हो रहा है और जीवन आत्मनिर्भर बन रहा है. प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 40 लाख से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं.” उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, यह नया भारत न केवल बिजली बचा रहा है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव की एक नई क्रांति भी लिख रहा है.”
योजना पर बढ़ा सरकारी खर्च
योजना के विस्तार के साथ इस पर होने वाला सरकारी निवेश भी तेजी से बढ़ा है. वित्त वर्ष 2025-26 में 5 मार्च तक इस योजना के तहत 14,585.29 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई. इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में यह राशि 7,822.92 करोड़ रुपये थी.
क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
साल 2024 में शुरू की गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एक मांग आधारित योजना है. इसके तहत देश के सभी आवासीय उपभोक्ता, जिनके पास स्थानीय बिजली वितरण कंपनी के ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके अपनी छत पर रूफटॉप सोलर प्रणाली लगवा सकते हैं. इस योजना का उद्देश्य घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और बिजली पर होने वाले खर्च को कम करना है.
एक करोड़ घरों का रखा गया है लक्ष्य
केंद्र सरकार का अनुमान है कि यदि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर प्रणाली स्थापित हो जाती है, तो इससे 1,000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली का उत्पादन संभव होगा. इससे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम होगी.
पर्यावरण को मिलेगा बड़ा लाभ
सरकार के अनुसार रूफटॉप सोलर प्रणालियों के 25 वर्षों के जीवनकाल के दौरान लगभग 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में कमी लाई जा सकती है. यह भारत के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
इन राज्यों ने किया सबसे बेहतर प्रदर्शन
योजना के क्रियान्वयन में गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल और राजस्थान सबसे आगे रहे हैं. वर्ष 2025 के अंत तक ये पांच राज्य पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सबसे अधिक रूफटॉप सोलर स्थापना करने वाले राज्यों में शामिल रहे.
स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बढ़ता भारत
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की बढ़ती सफलता यह दिखाती है कि देश में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह योजना भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में और मजबूत बनाएगी, साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभाएगी.

