Unique Case: महिला ने 5 दिन में 4 बच्चों को दिया जन्म, डॉक्टर भी हैरान, मेडिकल साइंस में बेहद दुर्लभ केस!

A Unique Case of Medical Science: जुड़वा या तीन बच्चों के एक साथ जन्म लेने की खबरें जरूर सुनने को मिली होंगी, लेकिन वहीं यूपी की एक चौंकाने वाली खबर सुर्खियों में आ गई है. जहां एक महिला ने 5 दिनों के भीतर 4 बच्चों को जन्म दिया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया है. महिला ने अलग-अलग दिनों में चार बच्चों को जन्म दिया. डॉक्टरों के अनुसार यह मामला मेडिकल साइंस में बेहद दुर्लभ माना जाता है. चार बच्चों की प्रेग्नेंसी अपने आप में हाई रिस्क होती है और फिर पांच दिन के अंतराल में सभी बच्चों का नॉर्मल डिलीवरी से जन्म होना बहुत कम देखने को मिलता है.

किराना स्टोर का संचालन करते हैं मो. आलिम 

संभल जिले के ओबरी गांव में रहने वाले मोहम्मद आलिम एक छोटे किराना स्टोर का संचालन करते हैं. आलिम की पत्नी अमीना का निकाह करीब दो साल पहले हुआ था. शादी के बाद यह उनकी पहली प्रेग्नेंसी थी, लेकिन शुरुआत से ही डॉक्टरों ने इसे हाई रिस्क प्रेग्नेंसी माना था. गर्भावस्था के दूसरे महीने में हुए अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि अमीना के गर्भ में एक नहीं बल्कि चार बच्चे पल रहे हैं. सभी बच्चे अलग-अलग थैली में थे, जिससे यह मामला और ज्यादा जटिल हो गया.

शुरुआती जांच के बाद फीटल रिडक्शन की सलाह

चार बच्चों की प्रेग्नेंसी होने के कारण डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद फीटल रिडक्शन की सलाह दी थी. यह एक मेडिकल प्रक्रिया होती है, जिसमें मां और बाकी बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए गर्भ में पल रहे कुछ भ्रूणों की संख्या कम की जाती है. हालांकि परिवार ने सभी बच्चों को सुरक्षित रखने का फैसला किया. इसके बाद मुरादाबाद के टीएमयू अस्पताल में अमीना का इलाज लगातार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में शुरू हुआ.

मां और बच्चों की स्थिति पर नजर

अमीना की प्रेग्नेंसी आसान नहीं रही. गर्भावस्था के दौरान उन्हें ब्लड प्रेशर और लीवर से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा. कई बार तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा. डॉक्टरों की टीम हर 15 से 20 दिन में जांच कर मां और बच्चों की स्थिति पर नजर रख रही थी. मेडिकल स्टाफ लगातार इस कोशिश में था कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय तक गर्भ में सुरक्षित रखा जा सके.

9 मई को पहले बेटे को जन्म

8 मई को अमीना को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई. इसके बाद 9 मई को उन्होंने पहले बेटे को जन्म दिया. नवजात का वजन करीब 710 ग्राम बताया गया, जो सामान्य से काफी कम था. कम वजन और समय से पहले जन्म होने के कारण डॉक्टरों के सामने बच्चे को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया. ऐसे में मेडिकल टीम ने सूझ-बूझ दिखाते हुए बाकी तीन बच्चों की डिलीवरी तुरंत नहीं करवाई.

तीन बच्चों को गर्भ में सुरक्षित रखने का फैसला

पहले बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टरों ने बाकी तीन बच्चों को कुछ और दिन गर्भ में सुरक्षित रखने का फैसला किया, ताकि उनका विकास थोड़ा और हो सके. लगातार निगरानी और इलाज के बीच पांच दिन बाद अमीना को फिर तेज दर्द शुरू हुआ. इसके बाद उन्होंने एक बेटे और दो बेटियों को जन्म दिया. इस तरह पांच दिनों के भीतर अमीना चार बच्चों की मां बन गईं.

बच्चों का कम वजन बड़ी चुनौती 

अमीना का इलाज करने वाली डॉक्टर शुभ्रा अग्रवाल ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती बच्चों का कम वजन और प्रीमैच्योर डिलीवरी थी. अगर समय पर सही इलाज और लगातार निगरानी नहीं मिलती तो मां और बच्चों दोनों की जान को खतरा हो सकता था. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल मां और चारों बच्चे सुरक्षित हैं. एक बच्चा सामान्य स्थिति में है, जबकि बाकी तीन बच्चों को डॉक्टरों की निगरानी में आईसीयू में रखा गया है. मेडिकल टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन बच्चों के लिए बेहद अहम होंगे.

अमीना और आलिम के परिवार में खुशी का माहौल

एक साथ चार बच्चों के जन्म से अमीना और मोहम्मद आलिम के परिवार में खुशी का माहौल है. रिश्तेदार और गांव के लोग लगातार परिवार को बधाई देने पहुंच रहे हैं. परिवार इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहा. वहीं डॉक्टरों ने भी इस पूरे मामले को टीमवर्क, सही समय पर लिए गए फैसलों और आधुनिक मेडिकल सुविधाओं की बड़ी सफलता बताया है.

इसे भी पढ़ें. इजराइल का गाजा में फिर से हमला, हमास के सैन्य प्रमुख अल-हद्दाद समेत 7 फिलीस्तीनियों की मौत

Latest News

Shardiya Navratri 2026 2nd Day: नवरात्रि के दूसरे दिन ऐसे करें मां ब्रह्मचारिणी की आराधना, जानिए पूजा विधि

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2026) की शुरुआत हो गई है. आज नवरात्रि का दूसरा दिन है....

More Articles Like This

Exit mobile version