Somnath Amrit Mahotsav: PM मोदी सोमनाथ अमृत महोत्सव में हुए शामिल, मंदिर में की पूजा

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

PM Modi Somnath Temple: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में आयोजित’अमृत पर्व’ कार्यक्रम में शामिल हुए. पीएम मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की. भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर के भव्य शिखर का देश के 11 पवित्र तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक किया गया. इस कुंभाभिषेक के लिए एक विशेष कलश का इस्तेमाल हुआ. समारोह के दौरान 11 तीर्थ स्थलों का पवित्र जल मंदिर के 90 मीटर ऊंचे शिखर पर चढ़ाया गया. इस खास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई राज्यों से कलाकार और दूर-दराज के जगहों से दर्शक आए.

यह महोत्सव मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद उसके उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने को लेकर आयोजित किया जा रहा है. पीएम का ‘विशेष महापूजा’, ‘कुंभाभिषेक’ और ‘ध्वजारोहण’ समारोहों में शामिल होने का कार्यक्रम है. साथ ही इस कार्यक्रम के दौरान वे एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे. यह आयोजन मंदिर के पुनर्निर्माण और पुनः प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘सोमनाथ अमृत पर्व-2026’ का हिस्सा है.

सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में शामिल होनेसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो में शामिल हुए. इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे.

कब तक चलेगा आयोजन?

यह समारोह 8 से 11 मई तक आयोजित किया जाएगा. चार दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में आजादी के बाद पहले ज्योतिर्लिंग मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है. सोमनाथ मंदिर को सनातन विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है. इसका पुनर्निर्माण भारत के पहले उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रस्ताव के बाद कराया गया था. आयोजकों के मुताबिक, पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के शिखर पर पहली बार कुंभाभिषेक किया जाएगा.

यह रस्म आमतौर पर दक्षिण भारत के मंदिरों से जुड़ी मानी जाती है और पारंपरिक रूप से हर 10 से 12 वर्ष में शुद्धिकरण समारोह के रूप में आयोजित की जाती है. इस अनुष्ठान के लिए 1,100 लीटर क्षमता वाला विशेष रूप से डिजाइन किया गया कलश तैयार किया गया है.

अधिकारियों के मुताबिक इस कलश का वजन 760 किलोग्राम है और पानी से भरने के बाद इसका कुल वजन लगभग 1.86 मीट्रिक टन हो जाएगा. यह कलश आठ फीट ऊंचा है और इसमें 11 तीर्थ स्थलों से लाया गया पवित्र जल रखा जाएगा. कलश को मंदिर परिसर के बाहर खड़ी 350 टन क्षमता वाली ऑल-टेरेन क्रेन की मदद से मंदिर के शिखर तक पहुंचाया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि क्रेन के बूम को शिखर की 90 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने के लिए विशेष रूप से बढ़ाया गया है.

Latest News

VIDEO: ‘वाग्धारा सम्मान समारोह 2026’ में भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय का संबोधन, तस्वीरों सहित देखिए आयोजन

Vagdhaara Samman Samaroh 2026: मुंबई में साहित्य, संस्कृति और समाज से जुड़े दिग्गजों ने ‘वाग्धारा सम्मान समारोह 2026’ के...

More Articles Like This

Exit mobile version