Indigo: 6 अक्टूबर से हवाई सफर महंगा होने वाला है. दरअसल देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने ATF (एविएशन फ्यूल) की बढ़ती कीमतों को ध्यान में रखते हुए डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा की है. इंडिगो ने सोमवार को कहा कि नया फ्यूल सरचार्ज 6 अक्टूबर से लागू होगा.
डोमेस्टिक फ्लाइट्स पर 350 रुपये तक बढ़ा फ्यूल सरचार्ज
एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने कहा कि डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए दूरी के आधार पर फ्यूल सरचार्ज में 100 रुपये से लेकर 350 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है. साथ ही, इंडिगो ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी की है.
375 रुपये से लेकर 1300 रुपये तक का देना होगा फ्यूल सरचार्ज
वहीं, डोमेस्टिक फ्लाइट्स को लेकर इंडिगो ने कहा कि 6 अक्टूबर को 00:01 बजे से 500 किलोमीटर तक की यात्रा पर प्रत्येक यात्री से 375 रुपये, 1000 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 600 रुपये, 1500 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 900 रुपये, 2000 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 1150 रुपये और 2000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए 1300 रुपये का फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा.
डोमेस्टिक रूट पर फ्यूल सरचार्ज
| दूरी | संशोधित फ्यूल सरचार्ज |
| 0 – 500 किमी | 375 रुपये |
| 501 – 1000 किमी | 600 रुपये |
| 1001 – 1500 किमी | 900 रुपये |
| 1501 – 2000 किमी | 1150 रुपये |
| Above 2000 | 1300 रुपये |
इंटरनेशनल फ्याइट्स के लिए नया फ्यूल सरचार्ज
| रूट | दूरी | संशोधित फ्यूल सरचार्ज |
| सार्क देश | Up to 500 किमी | 1000 रुपये |
| सार्क देश | 501 किमी and above | 3000 रुपये |
| दक्षिणपूर्व एशिया | – | 5500 रुपये |
| खाड़ी देश और मध्य पूर्व | – | 5500 रुपये |
| उत्तरी और पूर्वी एशिया | – | 5500 रुपये |
| अफ्रीका | – | 6000 रुपये |
| यूरोप | – | 10,000 रुपये
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ATF की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से एयरलाइन कंपनियों पर बढ़ा दबाव
एयरलाइन कंपनी ने कहा कि ATF की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है और इसमें हाल ही में महीने-दर-महीने 14% से अधिक की बढ़त भी शामिल है. ATF की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण इंडिगो को अपने ऑपरेशनल कॉस्ट स्ट्रक्चर में बदलाव करना पड़ा है, ताकि तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव निपटा जा सके.
इंडियो ने कहा कि ”ATF, किसी भी एयरलाइन कंपनी की परिचालन लागत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसलिए कीमतों में इस बढ़ोतरी से इंडिगो समेत सभी एयरलाइन कंपनियों की लागत संरचना और नेटवर्क से जुड़ी आर्थिक स्थिति प्रभावित होने की आशंका है.”

