Nitin Gadkari On Bharat Express Conclave: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने सोमवार (9 मार्च) को भारत एक्सप्रेस मेगा कॉन्क्लेव के मंच से लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार की गलतियों को उजागर करना मीडिया का धर्म है. कार्यक्रम की शुरुआत भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय (CMD Upendrra Rai) ने की, जहां उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए एक बड़ी घोषणा की. उन्होंने बताया कि अब सहारा न्यूज नेटवर्क के सभी उपक्रमों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है. इस फैसले से नेटवर्क से जुड़े हजारों पत्रकारों के भविष्य को सुरक्षा मिली है.
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और मीडिया का धर्म
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकतंत्र में मीडिया की अहमियत पर विस्तार से अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र चार प्रमुख स्तंभों—विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका और मीडिया पर आधारित है और इन सभी की भूमिका देश के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. गडकरी ने भारत एक्सप्रेस के आदर्श वाक्य “सत्य, साहस और समर्पण” की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाना भी है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार अच्छा काम कर रही है तो मीडिया को उसका समर्थन करना चाहिए, लेकिन जहां कमियां हों, वहां उन्हें सामने लाना भी उतना ही जरूरी है. गडकरी के अनुसार रचनात्मक आलोचना लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और शासन व्यवस्था को बेहतर करने में मदद करती है.
निंदा करने वाले का महत्व
नितिन गडकरी ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) के एक प्रसिद्ध कथन का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि अटल जी अक्सर कहा करते थे, “निंदकाचे घर असावे शेजारी”, जिसका अर्थ है कि निंदा करने वाला व्यक्ति हमारे पास ही होना चाहिए. गडकरी ने समझाया कि आलोचना से व्यक्ति और व्यवस्था दोनों को अपनी कमियों को समझने और सुधार करने का अवसर मिलता है.
कार्यक्रम में उपेंद्र राय द्वारा सहारा न्यूज नेटवर्क की कमान संभालने पर भी गडकरी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं. उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में नेटवर्क फिर से अपनी पुरानी प्रतिष्ठा हासिल करेगा और पत्रकारिता के क्षेत्र में सकारात्मक भूमिका निभाएगा.

