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Varanasi: योगी सरकार द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित इंटरनेशनल ट्रेड शो इस वर्ष और भी भव्य स्वरूप में होने जा रहा है। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में होने वाला यह इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार के मानचित्र पर उभारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। काशी के प्राचीन, पारंपरिक हस्तशिल्प व आधुनिक उत्पाद यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में रंग बिखेरने के लिए तैयार हैं। इस ट्रेड शो में विश्व भर से आने वाले खरीदार बनारस के परंपरागत कारीगरों के हुनर और आधुनिक उत्पादों को देखेंगे, जिससे हस्तशिल्पियों समेत अन्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मिलेगा। वाराणसी से ओडीओपी, निर्यातकों, एमएसएमई के 50 उद्यमियों ने लोकल से ग्लोबल मार्केट में उत्पाद ले जाने के लिए पंजीकरण करा लिया है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त मोहन कुमार शर्मा ने बताया कि वाराणसी से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के 30 हस्तशिल्प, 10 व्यापारी (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) के लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी व सिल्क उद्योग से जुड़े हैं। 10 निर्यातक बनारसी सिल्क साड़ी तथा कालीन उद्योग से जुड़े हैं। उद्योग विभाग में अभी तक कुल 50 उद्यमियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में महिला उद्यमियों के लिए ख़ास स्टाल लगाया जा रहा है।
भविष्य की ओर सशक्त कदम
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि आयोजन में 37 विभिन्न सेक्टरों की व्यापारिक और वाणिज्यिक क्षमताओं का एक ही छत के नीचे प्रदर्शन किया जाएगा। यह मेला न केवल उद्योग विशेषज्ञों, वैश्विक खरीदारों, नीति निर्माताओं और स्टार्टअप्स के लिए साझा मंच प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग का सशक्त माध्यम भी बनेगा। काशी जैसे सांस्कृतिक नगरी से जुड़े उत्पाद जब अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत होंगे तो यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।
राजधानी दिल्ली में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में भारी भीड़ उमड़ी है. इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत की AI उपलब्धियों और भविष्य की तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है.