महाभारत के संवादों से लेकर उपन्यासों तक, राही भारतीय संवेदना के स्वर हैं: हरीश भिमानी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

गाजीपुर: आधुनिक भारतीय साहित्य और सिनेमा के शिखर पुरुष डॉ. राही मासूम रज़ा की जन्मशती के अवसर पर माटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित वर्ष-भर चलने वाले 100 कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत विशेष साहित्यिक संवाद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह सातवाँ एवं सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव राही की जन्मस्थली गाज़ीपुर में आयोजित किया गया.

इस अवसर पर देश भर से 100 विद्वानों और कला साधकों ने न केवल कार्यक्रम में शिरकत की बल्कि राही के आवास बशीर मंज़िल पहुँच कर दीपक जलाए.

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महाभारत के वॉइस आर्टिस्ट हरीश भीमाणी ने राही मासूम रज़ा के व्यक्तित्व, साहित्यिक योगदान और उनकी अद्वितीय रचनात्मक प्रतिभा को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि राही केवल लेखक नहीं थे, वे गंगा-जमुनी तहजीब के जीवंत प्रतीक थे. महाभारत के संवाद लेखन से वे घर-घर पहुँचे, तो अपने साहित्य के माध्यम से भारतीय समाज और संवेदनाओं को स्वर दिया.

कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल मनोज सिन्हा वर्चुअल माध्यम से जुड़े. उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “जमीन पर खड़े होकर नजर समूचे आसमान पर रखनी चाहिए. राही मासूम रज़ा का जीवन इस प्रेरणा का सशक्त उदाहरण है. ग़ाज़ीपुर की माटी से निकलकर उन्होंने हिंदी-उर्दू साहित्य और भारतीय टेलीविजन में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई. उनकी उपलब्धियाँ आज भी हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए नई ऊँचाइयाँ छूने की प्रेरणा देती हैं.”

माटी ट्रस्ट के संयोजक आसिफ आज़मी ने बताया कि राही मासूम रज़ा जन्मशती के तहत देश के विभिन्न शहरों में 100 कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य उनकी साहित्यिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है.

समारोह में देश भर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों और संस्कृतिकर्मियों ने राही के अवदान पर अपने विचार रखे. वक्ताओं में प्रो राजनेश कुमार शुक्ला, पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, प्रो दिनेश चंद्र राय, कुलपति, मुजफ्फरपुर स्टेट यूनिवर्सिटी, पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, प्रो सत्यकेटु सांकृत, डीन, अंबेडकर विश्वविद्यालय, प्रो जितेंद्र श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार, इग्नू, शाफ़े क़िदवई, निदेशक, सर सैयद अकादमी, अलीगढ़, प्रो अरुण होता, हिंदी विभागाध्यक्ष, कोलकाता विश्वविद्यालय, पोर दीपक त्यागी, डीडीयू गोरखपुर, राकेश मिश्रा तूफान, एडिशनल एसपी, अजीत सिंह, संपादक भोजपुरी संगम, मंजू मित्तल, वाइस-चेयरमैन पॉपुलर हॉस्पिटल, ओबैद उर रहमान, अज़ीज़ नाबील, संपादक एवं कवि, तथा वजीहुद्दीन, पत्रकार शामिल रहे. कार्यक्रम के आयोजन में संदीप शर्मा, पवन सिंह, श्रीवास्तव, शमीम खान, अभिषेक आनंद, चंदन कटियार, प्रशांत त्रिपाठी आदि का सहयोग शामिल रहा.

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