Rajnath Singh Ayodhya Visit: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रामनगरी अयोध्या पहुंचे हैं. सबसे पहले उन्होंने रामलला के दरबार में माथा टेका. इसके बाद रानोपाली स्थित उदासीन ऋषि संगत आश्रम पहुंचे. यहां उन्होंने गुरु पर्व महोत्सव के समापन समारोह में हिस्सा लिया.
इस दौरान रक्षामंत्री श्री सिंह ने नवनिर्मित श्रीनारायण राम संस्कृत विद्यालय भवन का लोकार्पण किया. आश्रम परिसर में संत सम्मेलन के साथ जनसभा का आयोजन किया गया. रक्षामंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखा. किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले, इसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े प्रबंध दिखे.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा…
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संस्कृत शिक्षा की परंपरा को श्रीनारायण संस्कृत महाविद्यालय को और व्यापक एवं विस्तृत करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना होगा. नवनिर्मित भवन केवल विद्यार्थियों के आवास की सुविधा नहीं देगा, बल्कि भविष्य में संस्कृत शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है.
संस्कृत विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे जीवन का श्रेष्ठ कार्य कर रहे हैं. संस्कृत पढ़ने का संकल्प लेना सौभाग्य की बात है. देवभाषा संस्कृत में ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म की विशाल परंपरा मौजूद है. उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत के प्रति अपना समर्पण बनाए रखने और भारत के धर्म, साहित्य एवं ज्ञान परंपरा का निरंतर अध्ययन करने का आह्वान किया.
राजनाथ सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में अध्ययनरत बच्चे ही देश का भविष्य हैं. यही विद्यार्थी संस्कृत की देवभाषा के गौरव को आगे बढ़ाएंगे और भविष्य में संस्कृत तथा भारतीय संस्कृति की सेवा करेंगे.
उन्होंने कहा कि आज का दिन आश्रम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा. नवनिर्मित भवन को देखकर उन्हें प्रसन्नता हुई. यह भवन सामान्य निर्माण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक भारतीय परंपराओं और ज्ञान को पहुंचाने के संकल्प का प्रतीक है.
संस्कृत को वैज्ञानिक भाषा बताते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इसके विस्तार में जाएं तो काफी समय लगेगा, लेकिन इसमें ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध परंपरा समाहित है. सरकार ने संस्कृत के अध्ययन को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है. संस्कृत और आधुनिक शिक्षा का समन्वय नई पीढ़ी को परंपरा से जोड़ने के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा.