Prayagraj: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डूंगरपुर में जमीन पर अवैध कब्जा करने और मारपीट व धमकी देने के मामले में सपा सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। साथ ही आजम खां के करीबी अन्य आरोपियो पूर्व डिप्टी एसपी आले हसन, नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन अजहर खां और ठेकेदार बरकत अली की भी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने 6 अगस्त को निर्णय सुरक्षित कर लिया था।
एहतेशाम खान ने वर्ष 2019 में रामपुर के गंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई । विशेष अदालत ने आजम खां को 16 मार्च को दोषी करार देते हुए सात साल कैद व 5लाख रूपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। अन्य आरोपियों को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। इन तीनों आरोपियों पर एहतेशाम खान के घर में घुसकर मारपीट करने और जबरन घर खाली कराने का आरोप है। जबकि आजम खां पर जनता दरबार में शिकायत करने पहुंचे एहतेशाम खान के साथ मारपीट करने और धमकाने का आरोप लगा है।
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