Janata Darshan: सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से आए फरियादियों की समस्याएं सुनी. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के अंदर निस्तारण कराने का निर्देश दिया. सीएम योगी ने कहा कि जनसेवा सरकार का कर्तव्य है और सरकार अपने कर्तव्य पथ पर चलकर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा कर रही है. हर उचित समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संकल्पित है.
दर्द लेकर आईं महिला, सीएम योगी को दुआ देकर गईं
‘जनता दर्शन’ में बरेली की रहने वालीं दीप्ति पहुंचीं थी. उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वह किराए के मकान में रहती हैं और ठेला लगाकर जीवनयापन कर रही हैं. आर्थिक विपन्नता के कारण बच्चों के लालन-पालन में काफी दिक्कतें आ रही है.
इस पर मुख्यमंत्री ने बरेली के जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि महिला की समस्या सुनकर पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाते हुए स्थानीय स्तर पर समस्या का त्वरित समाधान कराएं. सीएम की संवेदनशीलता को देखकर दीप्ति की आंखें भर आईं. चेहरे पर खुशी का भाव लिए हुए उन्होंने जाते-जाते मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और उन्हें दुआएं भी दीं.

‘जनता दर्शन’ में कुछ लोगों ने आवास की मांग से संबंधित प्रार्थना पत्र सौंपे. मुख्यमंत्री ने उनकी बातें सुनते हुए आश्वस्त किया कि सरकार हर पात्र व्यक्ति को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध करा रही है.
सीएम योगी ने संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को आवेदकों का पत्र भेजते हुए उन्हें निर्देशित किया कि पात्रता के आधार पर इन्हें भी आवास योजना का लाभ दिलाएं. इन लोगों ने भी मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की.
इलाज की चिंता सरकार छोड़ दीजिए
सीएम योगी के पास कुछ लोगों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई. इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल एस्टिमेट बनवाकर शासन को उपलब्ध कराने को कहा. उन्होंने कहा कि आप परिजन की चिंता कीजिए, इलाज की चिंता सरकार छोड़ दीजिए.
किसी बच्चे का स्कूल नहीं छूटना चाहिए
वहीं, कुछ अभिभावकों ने आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए बच्चों की पढ़ाई पर चिंता जताई. इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी बच्चे का स्कूल नहीं छूटना चाहिए. बच्चे जहां पढ़ रहे हैं, वहीं उनकी शिक्षा जारी रहे, इसके लिए प्रबंधन से वार्ता कर बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाए.
सीएम योगी ने अवैध कब्जे और पुलिस से जुड़े मामलों में लापरवाही का संज्ञान लेते हुए इन प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई कराने का निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन समस्या का समाधान कराकर पीड़ितों को संतुष्ट करे. इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न करें.

