UP: धौरहरा में पकड़ी गई मादा तेंदुआ, रेडियो कॉलर लगाकर कर्तनीयाघाट में छोड़ा, यूपी में पहली पहल

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Lakhimpur: लखीमपुर खीरी के धौरहरा रेंज के चन्दैयापुर गांव में पकड़ी गई मादा तेंदुआ को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया. वन विभाग ने तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर कर्तनीयाघाट वन्यजीव अभयारण्य के कर्तनीयाघाट रेंज, बीट संख्या-1 में रिलीज किया.

धौरहरा वन रेंज परिसर लाकर कराया स्वास्थ्य परीक्षण

बताया गया कि बीते दिन चन्दैयापुर क्षेत्र में सक्रिय तेंदुए को पिंजरे में कैद किया गया था. इसके बाद उसे धौरहरा वन रेंज परिसर लाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जहां वह पूर्णतः स्वस्थ पाई गई. सक्षम स्तर से अनुमति मिलने के बाद तेंदुए को रेडियो कॉलर पहनाया गया.

यह उत्तर प्रदेश का पहला मामला

रेडियो कॉलर वी.एच.एफ और जी.पी.एस तकनीक से युक्त है, जिससे तेंदुए की गतिविधियों, व्यवहार और विचरण क्षेत्र की सतत निगरानी की जाएगी. मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने की दिशा में यह उत्तर प्रदेश का पहला मामला बताया जा रहा है, जब किसी मादा तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर मॉनिटरिंग के साथ छोड़ा गया हो.

Lakhimpur
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पूरी प्रक्रिया के दौरान वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उपप्रभागीय वनाधिकारी मनोज तिवारी (निघासन), क्षेत्रीय वन अधिकारी नृपेन्द्र चतुर्वेदी (धौरहरा), पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी रोहित रवि और दबीर हसन मौजूद रहे.

उपनिदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया

जानकारी दुधवा टाइगर रिजर्व की उपनिदेशक कीर्ति चौधरी ने दी. वन विभाग का कहना है कि रेडियो कॉलर के माध्यम से तेंदुए की निगरानी कर आस-पास के गांवों को अलर्ट किया जा सकेगा, जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके.

(रिपोर्ट, हर्ष गुप्ता)

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