Tehran: ईरान में ख़ामेनेई शासन के खिलाफ एक बार फिर हिंसा भड़क उठी. शनिवार को राजधानी तेहरान और मशहद सहित कई प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्र बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर गए. जनवरी में हुई कार्रवाई के 40 दिन पूरे होने पर आयोजित शोक सभाओं के दौरान शुरू हुआ यह विरोध उग्र रूप ले लिया.
सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के खिलाफ भी नारेबाजी
तेहरान स्थित Sharif University of Technology और Amirkabir University of Technology के छात्रों ने ‘तानाशाह की मौत’ और ‘आज़ादी’ के नारे लगाए. कुछ समूहों ने सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के खिलाफ भी नारेबाजी की. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े बसीज अर्धसैनिक बलों की कैंपस में तैनाती के बाद छात्रों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें हुईं.
मौत के 40वें दिन का विशेष महत्व
कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और मारपीट भी हुई. ईरान की परंपरा में मौत के 40वें दिन (चहलुम) का विशेष महत्व है. 8 और 9 जनवरी को हुई हिंसा में मारे गए लोगों की याद में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हालिया अशांति में सुरक्षाकर्मियों समेत 3,100 से अधिक लोगों की मौत हुई है. वहीं मानवाधिकार संगठन HRANA का दावा है कि मृतकों की संख्या 6,000 से ज्यादा हो सकती है.
महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन
इन प्रदर्शनों की शुरुआत दिसंबर में महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था के खिलाफ हुई थी, लेकिन अब यह धार्मिक नेतृत्व और शासन व्यवस्था के खिलाफ व्यापक राजनीतिक आंदोलन में बदल गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा क्षेत्र में दो विमानवाहक पोत तैनात किए जाने की खबरों से तनाव और बढ़ गया है.
फिलहाल तनाव कम होने के आसार नजर नहीं
तेहरान ने इसे उकसाने वाला कदम बताया है. ईरान सरकार का आरोप है कि प्रदर्शनों को विदेशी ताकतों, विशेषकर अमेरिका द्वारा भड़काया जा रहा है. रविवार के लिए भी प्रदर्शनों की नई अपील की गई थी. देश में फिलहाल तनाव कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे.
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