लखनऊ के सरोजनीनगर के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब कभी वीरान रहने वाला यह इलाका औद्योगिक गतिविधियों से गुलजार हो उठा. यहां उत्तर प्रदेश की पहली इलेक्ट्रिक बस निर्माण इकाई, अशोक लीलैंड के अत्याधुनिक प्लांट का भव्य उद्घाटन किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने संयुक्त रूप से इस ‘ग्रीन मोबिलिटी’ परियोजना का लोकार्पण किया.
‘मेक इन इंडिया’ का नेशनल हब
लोकार्पण के मौके पर स्थानीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का उत्साह देखते ही बन रहा था. उन्होंने इसे सरोजनीनगर और पूरे प्रदेश के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ बताया. विधायक सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और उद्योगपतियों के लिए बनाई गई आसान नीतियों की वजह से ही आज यूपी में निवेश की बाढ़ आ गई है. उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जिस उत्तर प्रदेश से कभी उद्योग-धंधे बाहर भाग रहे थे, आज वही प्रदेश ‘मेक इन इंडिया’ का नेशनल हब बन चुका है.
हजारों को मिलेगा रोजगार
यह प्लांट केवल लोहे और कंक्रीट का ढांचा नहीं है, बल्कि यह रोजगार का एक बड़ा दरवाजा है. 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश से बनी इस फैक्ट्री में शुरुआत में हर साल 2500 इलेक्ट्रिक बसें बनाई जाएंगी, जिसे आगे चलकर 5000 तक ले जाने का लक्ष्य है. सबसे खास बात यह है कि इससे सीधे तौर पर 1000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलने वाला है. यह योगी सरकार के उस मॉडल को दर्शाता है जिसमें विकास के साथ-साथ पर्यावरण और युवाओं के भविष्य का भी पूरा ख्याल रखा गया है.
सरोजनीनगर: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का नया ठिकाना
राजेश्वर सिंह ने जोर देकर कहा, आज का उत्तर प्रदेश अब केवल सामान खरीदने वाला राज्य नहीं रहा, बल्कि वह उत्पादन (प्रोडक्शन) और निर्यात (एक्सपोर्ट) का केंद्र बन रहा है. अशोक लीलैंड का यह प्लांट इसका जीता-जागता सबूत है. जीरो कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरण के अनुकूल होने की वजह से यह फैक्ट्री भारत की ‘ग्रीन मोबिलिटी’ को नई रफ्तार देगी.

