MAYAWATI: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्र सरकार से एक बड़ी मांग की है. उन्होंने पार्टी के संस्थापक और बहुजन आंदोलन के प्रणेता मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग दोहराई है.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि देश के करोड़ों बहुजन, गरीब, शोषित और वंचित वर्गों को आत्म-सम्मान और स्वाभिमान का जीवन दिलाने के लिए कांशीराम ने अपना पूरा जीवन संघर्ष में समर्पित कर दिया. मायावती ने स्पष्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी लगातार कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग करती रही है और अब इसमें और देरी नहीं होनी चाहिए.
मायावती ने दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
26 जनवरी के अवसर पर जारी बयान में मायावती ने देशवासियों और विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं. इसके साथ ही उन्होंने संविधान की भावना पर भी सवाल उठाए. मायावती ने कहा कि केवल बड़े-बड़े दावों और लुभावने वादों से अलग हटकर यह ईमानदारी से आकलन किया जाना चाहिए कि क्या केंद्र और राज्य सरकारों ने संविधान की सर्वसमाज हितैषी मंशा के अनुरूप राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र को मजबूत किया है या नहीं.
उन्होंने कहा कि संविधान पर गर्व तभी सार्थक है, जब उसके मूल उद्देश्यों के अनुरूप आम लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक और अपेक्षित सुधार हो. मायावती ने यह भी कहा कि देश की ज्वलंत समस्याओं से मुक्ति का रास्ता संविधान की भावना को सही मायनों में लागू करने से ही निकलेगा.
इसके साथ ही मायावती ने गणतंत्र दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री और वीरता पुरस्कार पाने वाले सभी सम्मानित व्यक्तियों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं.