Vindhyavasini Kumar Passes Away: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पूर्व सदस्य विंध्यवासिनी कुमार का निधन हो गया. वे काफी समय से बीमार चल रहे थे. हाल ही में वे वेंटिलेटर पर थे, लेकिन कुछ दिन पहले अस्पताल से ठीक होकर घर लौट आए थे. उनके निधन से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई. कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है.
डॉ. दिनेश शर्मा ने साझा की यादें
भाजपा के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने उनके साथ आखिरी वीडियो साझा किया है. उन्होंने लिखा कि यह विंध्यवासिनी जी के साथ उनका अंतिम वीडियो है. कुछ दिन पहले वे वेंटिलेटर पर थे. घर लौटने के बाद उनकी याददाश्त पहले जैसी नहीं लग रही थी. डॉ. शर्मा जब उनसे मिले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बारे में कान में कुछ कहा. अचानक वे पुरानी बातें याद करके ऐसे बोलने लगे जैसे कभी बीमार हुए ही नहीं. वहां मौजूद लोग हैरान थे. वे पुरानी यादों को आसानी से बता रहे थे. डॉ. शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद से जनसंघ और फिर भाजपा तक उनकी यात्रा रही. प्रधानमंत्री मोदी जी से उनकी खास नजदीकी थी. कलराज मिश्र, स्वर्गीय कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह जी से भी उनका लगाव था. वे हमेशा संगठन के लिए जीते थे. अपने लिए कुछ नहीं मांगा. अब उनकी स्मृतियां हमारे साथ हैं.
समर्पित कार्यकर्ता की जीवन यात्रा
डॉ. दिनेश शर्मा ने आगे कहा कि विंध्यवासिनी कुमार एक सीधे-सादे और समर्पित कार्यकर्ता थे. उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में संगठन मंत्री के रूप में पूर्णकालिक काम शुरू किया. उनकी मेहनत से आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिलती थी. विधान परिषद के स्नातक क्षेत्र चुनाव उन्होंने सिर्फ स्कूटर चलाकर जीता. संगठन को समझने वाले और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा बहुत अच्छी थी. डॉ. शर्मा के लिए वे बड़े भाई जैसे थे. उनके पिता स्वर्गीय केदारनाथ शर्मा से भी उनका खास रिश्ता था. घर आना-जाना लगा रहता था. कुछ दिन पहले अस्वस्थ होने के बावजूद उनमें पार्टी के प्रति गजब का विश्वास दिखा. डॉ. शर्मा ने कहा कि उनका निधन व्यक्तिगत क्षति है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें.
प्रतापगढ़ में हुआ अंतिम संस्कार
विंध्यवासिनी कुमार का अंतिम संस्कार प्रतापगढ़ में हुआ. भाजपा कार्यालय में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने शोक जताया. वे संगठन के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे. उनकी कमी पार्टी को खलेगी.