Sitapur Fire Accident: सीतापुर जिले के सदरपुर थाना क्षेत्र के सरैया चलाकापुर गांव में शनिवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. जहां एक ओर घरों में खाना बन रहा था और सामान्य दिनचर्या चल रही थी, वहीं अचानक बदले मौसम ने ऐसा रूप लिया कि देखते ही देखते खुशियों का माहौल मातम में बदल गया. तेज धूल भरी आंधी के बीच चूल्हे से उठी एक छोटी सी चिंगारी ने विकराल आग का रूप ले लिया और पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई.
आंधी में भड़की आग, 15 घर चपेट में
जानकारी के अनुसार, राजाराम के घर में खाना बनाया जा रहा था, तभी अचानक तेज आंधी शुरू हो गई. आंधी इतनी तेज थी कि चूल्हे से उठी चिंगारी सीधे छप्पर पर जा गिरी और आग लग गई. तेज हवाओं ने आग को इतना भड़का दिया कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप धारण कर लिया. देखते ही देखते आग ने आसपास के करीब 15 घरों को अपनी चपेट में ले लिया. ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत
इस दर्दनाक हादसे में सबसे हृदयविदारक घटना उस समय हुई, जब बाराबंकी से रिश्तेदारी में आई दो महिलाओं की आग में फंसकर मौत हो गई. घर के अंदर मौजूद इदुरा (75 वर्ष) और उनकी बेटी फूलमती (55 वर्ष) को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दोनों जिंदा जल गईं. इस घटना के बाद गांव में खुशियों का माहौल अचानक शोक में बदल गया और हर तरफ मातम पसर गया.
मासूम ‘माही’ जिंदगी की जंग लड़ रही
आग की चपेट में आकर 7 साल की मासूम बच्ची माही भी गंभीर रूप से झुलस गई है. ग्रामीणों और पुलिस की मदद से उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत नाजुक होने के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. फिलहाल डॉक्टर उसकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और उसकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है.
ग्रामीणों की कोशिश नाकाम, बारिश ने बुझाई आग
आग लगने के बाद ग्रामीणों ने हैंडपंप और पानी की मदद से आग बुझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया. हर तरफ आग की लपटें फैलती जा रही थीं और लोग बेबस नजर आ रहे थे. इसी बीच मौसम ने फिर करवट ली और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई. यही बारिश आग बुझाने में सबसे बड़ी मददगार साबित हुई और आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका, वरना पूरे गांव को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था.
प्रशासन पहुंचा मौके पर, मुआवजे का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया. एसडीएम बालकृष्ण, क्षेत्रीय लेखपाल और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. प्रारंभिक जांच में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है. क्षेत्रीय भाजपा विधायक आशा मौर्या ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद और उचित मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया.