लखनऊः किसानों के अच्छी खबर है. सरकार ने गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है. गन्ना पर्चियां जारी करने में गन्ना विकास विभाग द्वारा सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को 20 प्रतिशत प्राथमिकता दी जाएगी. इसके लिए विभाग ने एक जनवरी से सैनिक कोटा व्यवस्था को लागू कर दिया है.
गन्ना सट्टा नीति वर्ष 2025-26 के अक्टूबर मध्य में चीनी मिलों में पेराई शुरू होने के साथ पर्चियों का वितरण शुरू हुआ है, जो पूरे पेराई सत्र में जारी रहेगा. अब राष्ट्रसेवा के लिए सैनिकों-सेनानियों के प्रति सम्मान दर्शाने के लिए सरकार की ओर से यह कोटा व्यवस्था की गई है.
सभी जिलों में सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं चीनी मिल क्षेत्रों में सैनिक कोटा व्यवस्था को समान रूप से लागू किया गया है, जिससे किसी भी स्तर पर असमानता की स्थिति न रहे.
गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. के मुताबिक, व्यवस्था के तहत यदि किसी पात्र सैनिक अथवा भूतपूर्व सैनिक के नाम भूमि अभिलेखों में सट्टा दर्ज नहीं है, लेकिन उनके माता या पिता के नाम सट्टा दर्ज है तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए जाने पर उन्हें भी इस सुविधा का लाभ प्रदान किया जाएगा.
इसी तरह सैनिक की अगली एक पीढ़ी के लिए भी यह लाभ होगा, यानी यदि पिता सैनिक हैं तो उनके किसान पुत्र को कोटे के तहत प्राथमिकता दी जाएगी. वहीं चीनी मिलों को जल्द गन्ना आपूर्ति करने के लिए विभाग ने रि-कैलेंडरिंग कर नियमित रूप से बड़े काश्तकारों की पर्चियां उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है.

