China : चीन से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है, बता दें कि यहां दक्षिणी चीन की एक अदालत ने महिला को कारावास की सजा सुनाई. क्योंकि महिला पर आरोप है कि भूत भगाने की रस्म निभाते समय गलती से अपनी बेटी को मार डालने का आरोप है.
चीनी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ग्वांगडोंग प्रांत के शेन्ज़ेन की अदालत ने जुलाई में ली नाम की एक महिला को 3 साल जेल की सजा सुनाई, इसके साथ ही उसे बाद में 4 साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया. साथ ही महिला की बड़ी बेटी को भी सजा सुनाई गई थी. जानकारी के मुताबिक, कोर्ट ने ये फैसला लापरवाही से हत्या के आरोप में सुनाया था.
इस मामले को लेकर अभियोजकों का कहना है कि ली और उनकी दोनों बेटियां प्रेतबाधा से जुड़ी अंधविश्वासी धारणाओं के चलते प्रभावित हुईं. उनका मानना था कि राक्षस उन पर हमला कर रहे हैं और उनकी आत्माएं बेच दी गई हैं. बताया जा रहा है कि पिछले साल के आखिरी महीनें में उनकी छोटी बेटी ने अचानक कहा कि उस पर भूत-प्रेत का साया है. इसके साथ ही उसने अपनी मां और बहन से झाड़-फूंक करने की अपील की.
जानिए पूरा मामला
इस दौरान उन्होंने झाड़-फूंक अनुष्ठान के चलते दोनों ने युवती की छाती पर दबाव डाला और उल्टी कराने के लिए उसके गले में पानी डाला. ऐसा करने के बाद पीड़ित बेटी को कुछ फायदा लगा और उसने अपने घरवालों से इसे करते रहने को कहा. वही दूसरे दिन अगली सुबह उस लड़की के मुंह से खून बहते देखा और पुलिस को बुलाया. डॉक्टरों ने उसे घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया.
बेटी की मौत का कारण
इस मामले को लेकर अदालत ने फैसला सुनाया कि मां और बहन का हत्या करने का कोई इरादा नहीं था. उन्हें लगा की वे बेटी की मदद कर रही है, फिर भी उनके कार्यों के कारण ही उनकी बेटी की मौत हुई, जो लापरवाही मानी जाती है.
पंथ के अनुयायी आमतौर पर जिद्दी होते हैं- शख्स
इसे लेकर चीन में सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. साथ ही लोगों ने अंधविश्वासों का मुकाबला करने के लिए कई प्रकार के विज्ञान की बेहतर शिक्षा और जन जागरूकता बढ़ाने की मांग की. इसके साथ ही एक शख्स ने यह भी कहा कि पंथ के अनुयायी आमतौर पर जिद्दी होते हैं. वे वास्तविकता को स्वीकार करने की बजाय ये मानते हैं कि राक्षस बहुत शक्तिशाली था.
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