UP First Sleeper Vande Bharat: दीपावली के त्योहार पर पूर्वांचल के रेल यात्रियों को एक खास तोहफा मिलने जा रहा है. उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन 31 अक्टूबर को बनारस रेलवे स्टेशन से रवाना होगी. इस नई ट्रेन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हरी झंडी दिखाएंगे. इस दौरान क्षेत्र को नई मेमू ट्रेनों की सौगात भी मिलेगी. उद्घाटन समारोह दोपहर करीब 3:30 बजे बनारस स्टेशन पर आयोजित किया जाएगा.
स्लीपर वंदे भारत के शुरू होने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर मिलने की उम्मीद है. वहीं, नई मेमू ट्रेनों से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना सफर करने वाले लोगों की राह आसान हो सकती है. इन सेवाओं का फायदा खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और स्थानीय यात्रियों को मिलेगा.
टिकट बुकिंग को लेकर खास व्यवस्था रखी गई है
स्लीपर वंदे भारत में टिकट बुकिंग को लेकर भी खास व्यवस्था रखी गई है. इसमें यात्रियों को RAC और वेटिंग टिकट के आधार पर यात्रा करने की सुविधा नहीं मिलेगी. यानी ट्रेन में सफर के लिए कन्फर्म टिकट होना अनिवार्य होगा. इस व्यवस्था से ट्रेन में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही यात्री सफर कर सकेंगे. इसका फायदा यह होगा कि यात्रियों को अपनी तय बर्थ पर आराम करने और सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी. लंबी दूरी की रातभर की यात्रा में भीड़भाड़ से होने वाली परेशानियां कम करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है.
क्या-क्या हैं सुविधाएं UP First Sleeper Vande Bharat
नई स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के आराम का विशेष ध्यान रखा गया है. प्रत्येक बर्थ के पास मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट दिया गया है. इसके अलावा रात के समय किताब या अन्य सामग्री पढ़ने के लिए अलग रीडिंग लाइट भी उपलब्ध होगी. ट्रेन के कोच में बेहतर कुशनिंग वाले बर्थ, आधुनिक इंटीरियर और सेंट्रलाइज्ड एसी की सुविधा मिलेगी. इसके उन्नत सस्पेंशन सिस्टम से तेज रफ्तार के दौरान झटकों और बाहरी आवाज के असर को कम करने में मदद मिलेगी. इससे यात्रियों को लंबी दूरी का सफर पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक महसूस हो सकता है.
CCTV से होगी निगरानी
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कई आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं. इसके कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अंदर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी. इसके अलावा ऑटोमैटिक सेंसर वाले दरवाजे और आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम भी उपलब्ध होंगे. इन व्यवस्थाओं का मकसद यात्रा के दौरान सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को कम करना और यात्रियों को बेहतर अनुभव देना है. आराम के साथ सुरक्षा को भी इस ट्रेन की प्रमुख विशेषताओं में शामिल किया गया है.
नई मेमू सेवाओं का लाभ भी मिलेगा
स्लीपर वंदे भारत के साथ वाराणसी के आसपास के यात्रियों को नई मेमू सेवाओं का लाभ भी मिलेगा. वाराणसी सिटी और राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनें चलाई जाएंगी. प्रत्येक ट्रेन में 12 कोच होंगे. इनके रास्ते में वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशन पर ठहराव निर्धारित किया गया है. इसके अलावा बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच मेमू सेवा के विस्तार की भी योजना है. इससे दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिल सकेगी. नई ट्रेनों के संचालन से वाराणसी और आसपास के इलाकों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है. खासकर रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को इससे राहत मिल सकती है.