FCRA Amendments Bill: भारत में फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) बिल को लेकर अमेरिका में बवाल मच गया है. इस बिल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सांसद राइली मूर को मिर्ची लग गई है. उन्होंने बिल को ईसाई समुदाय पर सीधा हमला बताया है. इतना ही नहीं, राइली मूर ने भारत और अमेरिका के रिश्ते ख़राब होने की चेतावनी दे दी है.
क्या बोले राइली मूर FCRA Amendments Bill
ट्रंप के सांसद राइली मूर ने बिल की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा, ‘भारत में ईसाई समुदाय तब से रह रहा है, जब सेंट थॉमस द एपोस्टल यीशु मसीह के पुनरुत्थान के कुछ ही दशकों बाद मालाबार तट आए थे, लेकिन इस लंबे इतिहास के बावजूद भारत की संसद FCRA बिल के नियमों में ऐसे संशोधन करने पर विचार कर रही है, जिससे सरकार को चर्चों और धार्मिक चैरिटीज का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की छूट मिल सके.’
Christians have been in India since St. Thomas the Apostle traveled to the Malabar Coast just decades after the resurrection of our Lord Jesus Christ.
But despite this long Christian history, India’s Parliament is considering amending Foreign Contribution Regulation Amendment…
— Rep. Riley M. Moore (@RepRileyMoore) August 4, 2026
भारत–अमेरिका के रिश्ते ख़राब होने की दी चेतावनी
मूर ने कहा, ‘यह ईसाइयों पर सीधा हमला है. इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पोस्ट में आगे कहा कि अगर यह बिल पास हुआ तो भारत और अमेरिका के संबंध चिंता जनक स्थिति में पहुंच सकते हैं.’
क्या है फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट बिल
फ़िलहाल भारत में मानसून सत्र चल रहा. इस दौरान केंद्र सरकार ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट, 2010 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है. दरअसल, ये क़ानून तय करता है कि धार्मिक संस्थान, शैक्षणिक संस्थान, गैर–सरकारी संगठन, चैरिटेबल ट्रस्ट विदेशी चंदा कैसे जुटाते हैं और कहां इसका इस्तेमाल करते हैं.