Weather Forecast 31 January: उत्तर भारत में मौसम फिर से करवट लेने वाला है. इस दौरान एक के बाद एक एक्टिव हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में जहां बर्फबारी हो सकती है, तो वहीं मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं, अगले कुछ दिनो में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
दिल्ली में आज बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं. दोपहर या शाम तक इसका असर दिखाई देगा. फिर रात के वक्त गरज-चमक के साथ बहुत हल्की बारिश हो सकती है. साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवाएं चल सकती हैं.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से किन इलाकों में बदलेगा मौसम?
एक के बाद एक, दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से, वेस्टर्न हिमालयन एरिया में 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है. वहीं, नॉर्थ-वेस्ट इंडिया और सेंट्रल इंडिया के आस-पास के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके बाद, तीसरा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 5 से 7 फरवरी के दौरान नॉर्थ-वेस्ट इंडिया को प्रभावित कर सकता है.
आने वाले दिनों में तापमान में दिखेगी उठापटक
वहीं, नॉर्थ-वेस्ट इंडिया और सेंट्रल इंडिया के कुछ इलाकों में 1 फरवरी, 2026 तक सुबह के वक्त घना कोहरा छा सकता है. तापमान की बात करें तो नॉर्थ-वेस्ट इंडिया में अगले 24 घंटे में इसमें कोई खास बदलाव नहीं होगा. उसके बाद अगले 3 दिनों के दौरान ये धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. फिर उसके अगले 3 दिनों में तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है.
मध्य भारत से महाराष्ट्र तक बदलेगा मौसम
वहीं, सेंट्रल इंडिया और महाराष्ट्र में अगले 48 घंटों के दौरान मिनिमम टेंपरेचर में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. उसके बाद कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़त देखने को मिल सकती है. उसके बाद के 3 दिनों में इसमें धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है. फिर उसके अगले 3 दिनों के दौरान इसमें 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखाई देगा.