Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले लगातार मुस्लिम विधायकों को टीएमसी से अलग होने का सिलसिला जारी है. इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है. टिकट नहीं मिलने से नाराज विधायक अब्दुर रज्जाक ने टीएमसी को छोड़ दिया है. चर्चा है कि वह कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं. 2021 के चुनाव में अब्दुर रज्जाक ने मुर्शिदाबाद के जलंगी विधानसभा सीट से जीते थे.
तृणमूल में ईमानदार लोगों के लिए कोई जगह नहीं
अब्दुर रज्जाक ने आरोप लगाया कि तृणमूल में ईमानदार लोगों के लिए कोई जगह नहीं है. यहां पैसे देने पर ही चुनाव का टिकट मिलता है. टीएमसी के रवैये से नाराज अब्दुर रज्जाक ने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले की जलंगी, डोमकल और रानीनगर सीटों पर ममता बनर्जी की पार्टी की हार तय है. इससे पहले बदुरिया विधानसभा सीट से टीएमसी के विधायक काजी अब्दुल रहीम ने पार्टी छोड़ी है.
हुमायूं कबीर ने भी बना ली अपनी नई पार्टी
पिछले दिनों वह टीएमसी से अलग होकर कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस ने काजी अब्दुल रहीम को बदुरिया से प्रत्याशी भी बनाया है. टीएमसी से कद्दावर मुस्लिम नेता रहे हुमायूं कबीर भी वहां से अलग होकर अपनी नई पार्टी बना ली है. मुर्शिदाबाद इलाके में अपनी पार्टी के टिकट पर प्रत्याशी उतारकर हुमायूं टीएमसी को नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहे हैं.
कांग्रेस के सचिव आसिफ इकबाल TMC में शामिल
उधर, प्रदेश कांग्रेस के सचिव आसिफ इकबाल ने पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. आसिफ इकबाल मुर्शिदाबाद के फरक्का क्षेत्र में प्रभाव रखने का दावा करते हैं. वह पांच बार कांग्रेस विधायक रहे दिवंगत मईनुल हक के भतीजे हैं. आसिफ फरक्का सीट से टिकट नहीं मिलने से नाराज थे. बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के लिए महिला और मुस्लिम वोटबैंक को सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है. इसलिए आम बोलचाल में अक्सर लोग कहते हैं कि ममता बनर्जी के पास ‘डबल M’ की ताकत है.
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