Mohan Bhagwat on Gen Z: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के लगातार आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. जिसके बाद देशभर की दिग्गज हस्तियां युवाओं के जज्बे को सलाम कर रहे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भी Gen-Z का सपोर्ट किया था. हालांकि, बीते दिन उन्होंने Gen-Z पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि Gen-Z वाले दूसरों की देखा-देखी चीजें करते हैं, भावुक होते हैं और शांत मन से नहीं सोचते.
आपसी सहमति का तरीका अपनाना चाहिए
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ‘Gen-Z’ वालों को जो बात सही लगती है, उसी की ओर वे आकर्षित हो जाते हैं. कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान उन्होंने कहा था कि शासन या व्यवहार में तानाशाही या आदेश की जगह चर्चा और आपसी सहमति का तरीका अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा ‘‘विवाह एक अनुशासन है, जो धर्म के संस्कार देता है. इसका विकल्प लिव इन रिलेशनशिप है. इसके परिणाम क्या हैं? हमें जिम्मेदारियां नहीं, बल्कि सिर्फ खुशी चाहिए. जब तक मन हो साथ रहो और जब मन न हो तो अलग हो जाओ. कोई जिम्मेदारी नहीं. इससे क्या बढ़ेगा? क्या बढ़ रहा है, दुनिया भर में यह देखा जा सकता है.’’
लिव इन रिलेशनशिप को लेकर कही ये बात Mohan Bhagwat on Gen Z
उन्होंने कहा किआधुनिकता भी जरूरी है और समय के साथ बदलना भी देश की परंपराओं का एक नियम है. लिव इन रिलेशनशिप पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण है. उन्होंने कहा कि आधुनिकता का स्वागत किया जाना चाहिए. RSS चीफ ने यह भी कहा कि एलजीबीटीक्यू समुदाय समाज का हिस्सा है और उन्हें हीन दृष्टि से नहीं देखना चाहिए.
मोबाइल के इस्तेमाल में अनुशासन बरतें
RSS चीफ ने कहा, “समाज में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, उसकी शुरुआत खुद से करें. सोशल मीडिया पर अपना समय कम करें. मोबाइल के इस्तेमाल में अनुशासन बरतें. हम सरकार की ओर देखते हैं. हमारी परंपरा में सरकार का स्थान दूसरा है, समाज का पहला. (हम कहते हैं कि) सरकार को यह या वह कानून बनाना चाहिए…जबकि हम खुद अपने घर पर भी ऐसा कर सकते हैं.” उन्होंने आगे कहा, “हम बच्चों को मोबाइल के इस्तेमाल के नियम तो बताते हैं, लेकिन खुद मोबाइल से इतने जुड़े हुए हैं कि बच्चा रोने पर मां उसे मोबाइल थमा देती है.”