Gurbax Singh Grewal Passed Away: भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग के गवाह और 1968 के मेक्सिको ओलंपिक में तिरंगा लहराने वाले दिग्गज खिलाड़ी गुरबक्स सिंह ग्रेवाल का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वे 84 वर्ष के थे. उन्होंने पंजाब में मोहाली जिले के जिरक पुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली. बता दें कि गुरबख्श सिंह ग्रेवाल ने अपने भाई बलबीर सिंह ग्रेवाल के साथ मिलकर इतिहास रचा था, जब दोनों सगे भाइयों ने एक साथ ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया.
इतिहास में एक अनोखा कीर्तिमान
यह उपलब्धि भारतीय हॉकी के इतिहास में एक अनोखा कीर्तिमान मानी जाती है. वह पश्चिम रेलवे में वरिष्ठ खेल अधिकारी के रूप में भी कार्यरत रहे और खिलाड़ी के साथ-साथ प्रशासक के रूप में भी उन्होंने खेल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया. वहीं सुरजीत हॉकी सोसाइटी के पदाधिकारी इकबाल सिंह संधू ने ग्रेवाल के निधन पर शोक जताते हुए इसे हॉकी जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया.
परिवार के प्रति संवेदना
विभिन्न खेल और सामाजिक संगठनों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है. ओलंपियन बलबीर सिंह के भाई गुरबक्स सिंह मुंबई में पश्चिमी रेलवे में खेल अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए और उन्हें मुंबई हॉकी एसोसिएशन लिमिटेड के मानद सचिव के रूप में चुना गया. इस टीम में भारत के पूर्व कप्तान और कोच जोआकिम कार्वाल्हो भी शामिल थे.
कई वर्षों तक विभिन्न टीमों को दी कोचिंग
गुरबक्स का जन्म 1 अप्रैल, 1942 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के लायलपुर में हुआ था, जो वर्तमान में पाकिस्तान के फैसलाबाद के पास स्थित है. वे 20 वर्ष की आयु में मुंबई आए और मुंबई स्थित वेस्टर्न रेलवे के लिए हॉकी खेलने लगे. तेजतर्रार फॉरवर्ड गुरबक्स सिंह ने स्थानीय स्तर पर वेस्टर्न रेलवे और राष्ट्रीय स्तर पर इंडियन रेलवे के लिए खेलने के बाद कई वर्षों तक मुंबई की विभिन्न टीमों को कोचिंग दी. वे कुछ समय तक भारतीय महिला हॉकी टीम से भी जुड़े रहे.
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