New Delhi: आईपीएल मैच के दौरान युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे के चोटिल होने के बाद पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) पर खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर जमकर निशाना साधा है. 18 साल के आयुष म्हात्रे की इस घटना ने अश्विन को काफी परेशान कर दिया और उन्होंने इसे चौंकाने वाला बताया. आर अश्विन ने इस पर खुलकर अपनी बात रखी.
सीएसके मैनेजमेंट की जमकर लगाई क्लास
उन्होंने सीएसके मैनेजमेंट की जमकर क्लास लगाई और कहा, “आयुष म्हात्रे की चोट कैसी है मुझे नहीं पता लेकिन उम्मीद है कि वह जल्द लौटेंगे. जैसा दिख रहा है, मुझे डर है कि वह कुछ समय के लिए बाहर हो सकते हैं. जब वह बल्लेबाजी करने आए, तो उनके घुटने पर पट्टी बंधी थी. पिछले 2-3 मैचों से वह इम्पैक्ट सब के तौर पर खेल रहे हैं. लोग पूछ रहे हैं, ‘वह इम्पैक्ट प्लेयर क्यों हैं? क्या वह अच्छे फील्डर नहीं हैं?’ उनकी चोट चिंता का विषय रही है.”
मेडिकल टीम की प्रतिक्रिया पर भी सवाल
अश्विन ने मेडिकल टीम की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए. “यह क्रैम्प नहीं हो सकता, क्योंकि उन्होंने फील्डिंग ही नहीं की थी. अगर फील्डिंग न करने के बावजूद क्रैम्प आ गया, तो उनकी हाइड्रेशन देखनी होगी. चलिए मान लेते हैं कि यह चोट थी. फिजियो आकर देख चुके थे, वह बुरी तरह लंगड़ा रहे थे, फिर भी उन्हें एक और गेंद खेलने और विकेटों के बीच दौड़ने के लिए कहा गया!”
स्टार खिलाड़ियों में से एक रहे म्हात्रे
“मुझे समझ नहीं आया. जब वह लंगड़ा रहे थे, तो क्या उन्हें रिटायर्ड हर्ट नहीं कर देना चाहिए था? इस सीजन में आयुष म्हात्रे स्टार खिलाड़ियों में से एक रहे हैं. मुझे समझ नहीं आता कि उनके साथ इतनी लापरवाही कैसे बरती जा सकती है. मैं हैरान रह गया. कमेंट्री बॉक्स में सभी ने अपना माइक टेबल पर रख दिया और जो हो रहा था, उसे हैरानी से देख रहे थे. बहुत, बहुत चौंकाने वाला था.”
म्हात्रे SRH के खिलाफ मैच के दौरान चोटिल
आयुष म्हात्रे सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ आईपीएल मैच के दौरान चोटिल नजर आए. उनको खड़े रहने में परेशानी हो रही थी फिर भी टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ ने बल्लेबाजी करने दिया. चोटिल खिलाड़ी को कोच और कप्तान बाहर बुला सकते थे लेकिन ऐसा नहीं किया. म्हात्रे भारी नी स्ट्रैप पहनकर बल्लेबाजी करने उतरे थे. पिछले कुछ मैचों में उन्हें वर्कलोड मैनेज करने के लिए इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल किया गया था.
किसी तरह रन पूरा कर पाए म्हात्रे
पावरप्ले के दौरान ही वह विकेटों के बीच दौड़ते समय साफ तौर पर लंगड़ाते नजर आए. फिजियो ने मैदान पर आकर उनका इलाज किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बल्लेबाजी जारी रखने दी गई. स्थिति तब और बिगड़ गई जब कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने एक तेज सिंगल लेने के लिए कहा, जबकि आयुष म्हात्रे साफ तौर पर संघर्ष कर रहे थे. किसी तरह वह रन पूरा कर पाए और रनआउट होने से बचे. अगली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए. उनका 17 गेंद पर 30 रन का पारी दर्द और असहजता के बीच खत्म हो गया.
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