Rinku Singh Father: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खान चंद सिंह का शुक्रवार सुबह निधन हो गया. वह लंबे समय से लीवर कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे.
चौथे स्टेज का लीवर कैंसर था
बताया जा रहा है कि उन्हें चौथे स्टेज का लीवर कैंसर था और पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी. 21 फरवरी को तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें ग्रेटर नोएडा स्थित निजी अस्पताल यथार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. अस्पताल सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 4:36 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. निधन की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई. सुबह लगभग 5 बजे उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि हुई. इसके बाद परिजन उनका पार्थिव शरीर लेकर घर के लिए रवाना हो गए.
टीम इंडिया का साथ छोड़कर घर लौट गए थे Rinku Singh Father
पिता की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही रिंकू सिंह टीम इंडिया का साथ छोड़कर तुरंत घर लौट आए थे. उस समय वह चेन्नई में टीम के साथ अभ्यास सत्र में शामिल थे. टी-20 विश्वकप के दौरान उन्हें टीम का अभ्यास छोड़कर परिवार के पास आना पड़ा था. पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने के बाद रिंकू 25 फरवरी को दोबारा चेन्नई लौटे और टीम से जुड़ गए. हालांकि 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए सुपर-8 मुकाबले में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे और सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के रूप में टीम के साथ मौजूद रहे.
परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी
रिंकू सिंह के परिवार में पांच भाई हैं और उनके पिता सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, इसलिए सभी भाई पिता का हाथ बंटाते थे. वे लोग बाइक पर दो-दो सिलेंडर रखकर घरों और होटलों में गैस सिलेंडर पहुंचाते थे. क्रिकेट खेलने के लिए भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा. मोहल्ले के दोस्तों के साथ मिलकर पैसे इकट्ठा कर गेंद खरीदी जाती थी. आज रिंकू सिंह भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा नाम हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे उनके पिता का संघर्ष और त्याग महत्वपूर्ण रहा. उनके निधन से परिवार और खेल जगत में शोक की लहर है.
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