Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत ने छठे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए शूटिंग में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की. जापान के आइची-नागोया में चल रहे खेलों के 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सुरुचि सिंह और कमलजीत सिंह की जोड़ी ने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ भारत की झोली में एशियन गेम्स का दूसरा गोल्ड मेडल आ गया है. खास बात यह है कि इस स्वर्ण पदक तक पहुंचने वाली दोनों निशानेबाजों की कहानी संघर्ष, बदलाव और लगातार मेहनत से जुड़ी हुई है. सुरुचि ने रेसलिंग छोड़कर शूटिंग को चुना, जबकि कमलजीत ने चोट के कारण एथलेटिक्स से दूरी बनाने के बाद निशानेबाजी में कदम रखा. दोनों ने अपनी मेहनत के दम पर अब एशियन गेम्स के मंच पर देश का नाम रोशन किया है.
13 साल की उम्र में शुरू की शूटिंग
हरियाणा के झज्जर की रहने वाली सुरुचि सिंह का जन्म 28 अप्रैल 2006 को हुआ. उनके परिवार का खेल से गहरा नाता रहा है, इसलिए शुरुआत में उन्हें रेसलिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया था. हालांकि, सुरुचि की इसमें रुचि नहीं बनी और 13 साल की उम्र में उन्होंने शूटिंग में हाथ आजमाया. इसके बाद उन्होंने भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी में कोच सुरेश सिंह के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग शुरू की. लगातार अभ्यास और मेहनत के बाद सुरुचि ने शूटिंग में अपनी अलग पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं.
उपलब्धियां
- 2025: ISSF वर्ल्ड कप, ब्यूनस आयर्स – गोल्ड, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल.
- 2025: ISSF वर्ल्ड कप, लीमा – गोल्ड, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल.
- 2025: ISSF वर्ल्ड कप, लीमा – गोल्ड, सौरभ चौधरी के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम.
- 2025: ISSF वर्ल्ड कप, म्यूनिख – गोल्ड, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल.
- 2025: ISSF वर्ल्ड कप फाइनल, दोहा – गोल्ड, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, 245.1 के जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ.
- 2026: ISSF वर्ल्ड कप, म्यूनिख – गोल्ड, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल.
- 2026: एशियन शूटिंग चैंपियनशिप, नई दिल्ली – सिल्वर, सम्राट राणा के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम.
चोट के बाद शूटिंग में आए कमलजीत
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सुल्खा गांव के रहने वाले कमलजीत सिंह ने शुरुआत में ट्रैक-एंड-फील्ड एथलेटिक्स में करियर बनाने की कोशिश की थी. लेकिन चोट के कारण उन्हें अपना यह करियर छोड़ना पड़ा. इसके बाद साल 2019 में उन्होंने शूटिंग शुरू की और धीरे-धीरे इसी खेल में अपनी पहचान बनानी शुरू की. मिडिल क्लास परिवार से आने वाले कमलजीत को शूटिंग करियर की शुरुआत में आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा. मुश्किल हालात के कारण कई बार उनके मन में खेल छोड़ने का विचार आया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. आर्थिक तंगी और दूसरी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शूटिंग जारी रखी. अब जापान में एशियन गेम्स के दौरान गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने अपने संघर्ष को बड़ी उपलब्धि में बदल दिया है.
उपलब्धियां
- 2023: 53वीं ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप, बाकू – ब्रॉन्ज, 50 मीटर पिस्टल पुरुष टीम, रविंदर सिंह और विक्रम जगन्नाथ शिंदे के साथ.
- 2023: ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप, चांगवोन – गोल्ड, 50 मीटर पिस्टल पुरुष व्यक्तिगत, 544 स्कोर के साथ.
- 2023: ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप, चांगवोन – गोल्ड, 50 मीटर पिस्टल पुरुष टीम, अंकित तोमर और संदीप बिश्नोई के साथ.
- 2025: ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप राइफल/पिस्टल, काहिरा – सिल्वर, 50 मीटर पिस्टल पुरुष टीम, रविंदर सिंह और योगेश कुमार के साथ.
- 2026: एशियन चैंपियनशिप, नई दिल्ली – सिल्वर, 50 मीटर पिस्टल पुरुष व्यक्तिगत, 561 स्कोर के साथ.
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