Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, वंदन अर्थात् विश्वासघात न करने की प्रतिज्ञा। प्रणाम का अर्थ है प्रामाणिकता का प्रतिज्ञापत्र। प्रणाम करते हो तो यह प्रतिज्ञा भी कर रहे हो कि जीवन में कभी भी अप्रामाणिक...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, नग पर्वत को कहते हैं। न गच्छति, पर्वत एक जगह स्थिर होता है इसलिए उसे नग कहते हैं। पर्वत श्रेष्ठ श्रीकैलाश के भगवान स्वामी है, इसलिए भगवान का एक...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्री हिमाचल और मैंना के भगवती पार्वती का प्राकट्य, भगवती पार्वती के द्वारा विद्याध्ययन, देवर्षि नारद जी के मार्गदर्शन में कठोर तप और फिर शिव की प्राप्ति होती है।...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, नर नारायण भगवान की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिया। वरदान मांगने को कहा- तो नर नारायण भगवान ने हिमालय में ही बिराजने के लिए...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, हम सबके पास जो कुछ भी है, श्री भगवान की कृपा का ही बल है। हम सबमें यदि किसी को कोई अच्छी बात दिखाई देती है तो वह भगवत...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, मृत्यु जीवन का अनिवार्य सत्य है, यह समझकर मृत्यु से भागें नहीं, स्वीकार करें। मृत्यु के भय को छोड़ें। यह तो परमात्मा का बुलावा आया है, प्रभु की निमंत्रण...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, संसार का यही स्वरूप है। यहां की प्रत्येक वस्तु क्षणभंगुर है। इसमें ममता आसक्ति होने से बन्धन तथा दुःख होता है। आत्मा के नाते एक परम तत्व होने पर...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्री शिव महापुराण में कथा आती है कि देवर्षि श्री नारद जी भगवान के परम भक्त हैं। भगवान के दास हैं। वे उदास कभी नहीं रहते। भगवान का दास...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्री शिव महापुराण में भगवान व्यास कहते हैं - श्री शिव को हम नमस्कार करते हैं। केवल शिव को नहीं बल्कि श्री शिव को। श्री अर्थात् भगवती पार्वती वाले...