कुंडली में राजयोग मौजूद होने के बावजूद कई बार व्यक्ति को अपेक्षित सफलता नहीं मिलती. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कमजोर ग्रह, क्रूर दृष्टि और प्रतिकूल दशा समेत कई कारण इसके पीछे हो सकते हैं.
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.