Aastha

श्रीमद्भागवत के श्रवण मात्र से समाप्त हो जाते हैं कल्प-कल्पान्तर के पाप : दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीमद्भागवत की कथा सदा सुनते रहो- कौशिकी संहिता के आधार पर अमरनाथ में भगवान शंकर ने पार्वती अम्बा को अमर कथा सुनाई थी। श्रीमद्भागवत की कथा ही वो अमर...

जहां धर्म का शासन होता है, उस राष्ट्र में नहीं होती अतिवृष्टि या अनावृष्टि: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, धर्मेण शासते राष्ट्रे- जहां धर्म का शासन होता है, उस राष्ट्र में अतिवृष्टि या अनावृष्टि नहीं होती। उस राष्ट्र पर हमला करने वाला हमलावर विजई नहीं हो सकता। भगवान...

भक्तों में ही होता है भक्ति का आनंद: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, रास पञ्चाध्यायी- जैसे छोटा बच्चा शीशे में अपने चित्र को देखकर नाचने लगता है। रास में शामिल भक्तों का हृदय शीशे की तरह शुद्ध और निर्मल हो गया था,...

जिसका आकार न दिखे वो है निराकार: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, निराकार ब्रह्म साकार होकर प्रकट दिखता है। जिसका आकार न दिखे वो निराकार है, जिसका आकार देख सके वह सरकार है। जैसे अग्नि जब तक लकड़ी में छुपी है...

भगवान की खुशी मनाने वाले के घर में सदा समाई रहती हैं खुशियां: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य जब हुआ, समय भाद्रमास, कृष्णपक्ष, अष्टमी तिथि, बुधवार दिन, रोहिणी नक्षत्र, रात्रि बारह बजे का समय, दिशाएं निर्मल, शीतल मंद सुगंध पवन चलने लगी, हर...

भगवत्प्राप्ति ही मानव जीवन का है परम लक्ष्य: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, यह शरीर रथ है, इंद्रियां घोड़े हैं, मन लगाम है और बुद्धि सारथि है, जीवात्मा इसमें रथी है, गुरु का दिया हुआ मंत्र धनुष है और चित्त की वृत्ति...

भक्त भगवान की मूर्ति का करता है ध्यान: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान् का दिव्य स्वरुप है। श्रीमद्भागवत महापुराण में एक बहुत अच्छी बात कहते हैं। यदि हम आप उसे समझ सकें तो बहुत अच्छी बात है। वह बात यह है...

परमात्मा ने संसार को आनंद का बिंदु किया है प्रदान: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान् की प्रतिज्ञा- मेरे मार्ग पर पैर रखकर तो देख, तेरे सब मार्ग न खोल दूं तो कहना।। मेरे लिये खर्च करके तो देख, कुबेर के भंडार न खोल...

धर्म-कर्म और ईश्वर की आराधना से टल जाती है आने वाली विपत्ति: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, हर व्यक्ति प्रारब्ध की डोर से बंधा हुआ है। हम जो नहीं चाहते, वह जीवन में होता रहता है और जो चाहते हैं, वह नहीं हो पाता। क्योंकि व्यक्ति...

ईश्वर की प्रसन्नता के लिए किया गया हर काम भक्ति है: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, महारास में राधा-कृष्ण बीच में होंगे और गोपियों चारों ओर नृत्यकर रही होंगी। आध्यात्मिक दृष्टि से आत्मा हृदय के बीच, भक्ति के साथ और बुद्धि के साथ स्थिर रहती...
- Advertisement -spot_img

Latest News

18 February 2026 Ka Panchang: बुधवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

18 February 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त...
- Advertisement -spot_img