परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सात कोस का पहाड़ उठाकर बृजवासियों की रक्षा की. उन्होंने कहा कि जब भक्त कहता है ‘कन्हैया मेरा है, कन्हैया मेरे प्राण हैं’, तो ईश्वर ऐसी बातें सुनकर बड़े प्रसन्न होते हैं.
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, एक बार भगवान् श्रीकृष्ण भोजन कर रहे थे, वहां पर एक कीड़े को देखकर भगवान् हंस पड़े, रुक्मिणी ने कारण पूछा, प्रभु ने बताया कि यह ७२ बार देवताओं...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भक्त्या तुष्यति केवलम्। भगवान केवल शिष्टाचार देखते तो ब्याध के ऊपर भगवान की कृपा कभी न होती। श्री शिव पुराण में व्याध की कथा है। उसको जंगल में शिव...
पुष्कर में दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सच्चिदानंद स्वरूप हैं और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्त कर मोक्ष का मार्ग दिखाता है.
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, रास प्रारम्भ हुआ। देवता भी बाजे बजा रहे थे। ऊपर से पुष्प वृष्टि कर रहे थे। जय जयकार हो रही थी। एक विलक्षण रस की वर्षा हो रही थी।...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, गोवर्धन पूजा के समय भगवान् श्री कृष्ण की अवस्था सात वर्ष की है और गिरिराज गोवर्धन भी सात कोश के हैं। भगवान ने सात दिन के लिए गिरिराज को...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, द्वितीय स्कन्ध में श्रीशुकदेवजी के द्वारा त्रिधा भक्ति का उपदेश किया गया। हम बहुत कुछ न कर पावे तो तीन काम कर लें। श्रवण, कीर्तन और मनन। कानों से...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, शौनकादि ऋषियों द्वारा प्रश्न, चौबीस अवतार का वर्णन, भगवान व्यास का अवतार, भागवत की रचना, परीक्षित का जन्म, राज्याभिषेक, दिग्विजय, कलियुग का निग्रह, ऋषि श्रृंगी का श्राप, राजा परीक्षित...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भागवत की कथा केवल सुन लेने की बस्तु नहीं है। वह तो श्रवण के बाद सतत मनन द्वारा हृदय में सुरक्षित रखने एवं आचरण की बस्तु है।
भागवत की कथा...