बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.
भारत के मखाने की मांग वैश्विक बाजार में लगातार बढ़ रही है. वित्त वर्ष 2025-26 में 20 से अधिक देशों को 7,000 मीट्रिक टन से ज्यादा मखाना और वैल्यू-एडेड उत्पादों का निर्यात हुआ. बिहार के किसानों को इस निर्यात पहल से बाजार भाव की तुलना में करीब 18 प्रतिशत अधिक कीमत मिली.
Bihar Makhana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से बिहार का मखाना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत ब्रांड के रूप में उभरा है. पहली बार जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना को समुद्री मार्ग से पूर्णिया जिले से दुबई (संयुक्त...