Crude Oil Crash: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर से नीचे पहुंच गया है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल और महंगाई पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
31 जुलाई 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है. जानिए प्रमुख शहरों के ताजा रेट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का नया अपडेट.
देशभर में आज घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के बाद 1 अगस्त की मासिक समीक्षा में LPG के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 96.2475 पर खुला. कच्चे तेल में तेजी और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया है. जानिए इसका आम लोगों की जेब पर क्या असर पड़ सकता है.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता के बीच भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
ईरान और अमेरिका के बीच 60 दिनों के युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में राहत मिली है. हालांकि CRISIL का कहना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आने वाले महीनों में हालात पर नजर बनी रहेगी.
अमेरिका-ईरान समझौते की खबर के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की तेज बढ़त के बाद दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ा दी है.