dharam karam

तीर्थगुरु पुष्कर की यात्रा करना बड़े सौभाग्य की है बात: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, तीर्थगुरु पुष्कर की यात्रा करना बड़े सौभाग्य की बात है लेकिन बिना पुण्य के हम पुष्कर दर्शन नहीं कर पाते हैं। एक बार भगवान श्रीकृष्ण पाण्डवों की सभा में...

हम सब जीव जगत के लिए सबसे बड़ा तीर्थ स्थान है पुष्करराज: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, तीर्थगुरु पुष्कर की महिमा- हम लोग सबसे पहले सम्पूर्ण लोकों के स्वामी जगतपति श्री भगवान को नमस्कार करते हैं। जो भगवान प्रधानतत्व (प्रकृति तत्व) के वेत्ता है तथा जगत...

पुष्करराज में की गई संत सेवा, दान पुण्य का अनन्त फल होता है प्राप्त: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, ब्रह्मधाम तीर्थगुरु श्रीपुष्कर सरोवर की वंदना- जो चंद्रमा के समान धवल एवं स्वच्छ है, जिसमें हाथी के सूंढ़ के समान आकार वाले जलचर जीवों के सञ्चरण करने के कारण...

अन्तकाल में संसार के किसी भी चित्र का चिंतन करने से मन हो जाता है खराब: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, अन्तकाल में संसार के किसी भी चित्र का चिंतन करने से मन खराब हो जाता है, क्योंकि संसार के सब चित्र-आकृतियां माया से बनी हुई है। संसार में किसी...

जीव का संसार के साथ कच्चा है सम्बन्ध: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, आपको संसार अच्छा लगता होगा तो आपके मन में संसार जायेगा और आपको प्रभुस्वरूप अच्छा लगता होगा तो आपके हृदय में प्रभु-स्वरूप बस जायेगा। मानव को शान्ति से विचार...

भक्ति को गौण समझने वाले योगी और ज्ञानी का होता है पतन: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भक्ति से ही ज्ञान परिपूर्ण होता है और योग भी भक्ति से ही सफल होता है। भक्ति रहित ज्ञान और भक्ति रहित योग मृत्यु को बिगाड़ता है। परमात्मा के...

मान-अपमान में मन को शान्त रखना है महान पुण्य का कार्य: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रारब्ध की महत्ता- सम्पत्ति सन्तति और सांसारिक सुख तो पूर्वसंचित प्रारब्ध के अनुसार ही मिलते हैं। आपके जीवन की फिल्म तो जन्म के पहले ही निश्चित हो गई है।...

सद्गुरु की कृपा से ही बुद्धि में आती है स्थिरता: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सद्गुरु की महिमा- जो प्रभु के पास ले जाता है, वह ही श्रेष्ठ सद्गुरु है। सद्गुरु की कृपा से ही बुद्धि में स्थिरता आती है। सद्गुरु की शरण प्रभु...

सत्संग के बिना जागृत नहीं होता विवेक: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, विवेक आवश्यक- विवेक से थोड़ा सुख भी भोगना चाहिए और भक्तिमय जीवन यापन करके भगवान को भी प्राप्त करना चाहिए। शरीर में चाहे रहो, पर शरीर से अलग हो...

क्षण और कण को बचाने की कला जानने वाला ही है संत: दिव्य मोरारी बापू 

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जहां आचार-विचार की शुद्धि है, वहीं भक्ति परिपुष्ट होती है। सदाचार नींव है, सद्विचार भवन है। नीवें मजबूत होंगी, तो भवन टिक सकेगा। गर्भवती स्त्री के आचार-विचार का गर्भस्थ...
- Advertisement -spot_img

Latest News

Swapna Shastra: सपने में झाड़ू देखना शुभ या अशुभ? धन लाभ से धोखे तक मिलते हैं ये संकेत

Sapne Me Jhadu Dekhna: स्वप्न शास्त्र में झाड़ू से जुड़े अलग-अलग सपनों के विशेष अर्थ बताए गए हैं. जानें खुद झाड़ू लगाने, टूटी झाड़ू देखने, मंदिर में सफाई करने और झाड़ू चोरी होने का क्या संकेत माना जाता है.
- Advertisement -spot_img