मई 2026 में भारत का वस्तु निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 45.2 अरब डॉलर पहुंच गया. वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार अप्रैल-मई अवधि में कुल निर्यात 88.91 अरब डॉलर दर्ज किया गया.
भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2026 में 8.78 प्रतिशत बढ़कर 10.35 अरब डॉलर पहुंच गया. वैश्विक चुनौतियों और पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि दर्ज की गई.
PLI स्कीम के तहत देश में 2.16 लाख करोड़ रुपए का निवेश और 14.39 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं. मोबाइल, आईटी हार्डवेयर, दवा और टेलीकॉम उत्पादन में तेजी आई है, जिससे भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है.
ऑटो कंपोनेंट, मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे इस सेक्टर में देश के लिए निर्यात के व्यापक अवसर सामने आए हैं. यह जानकारी नीति आयोग की ओर से मंगलवार को जारी...
भारत और ओमान ने समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) किया है, जिसके तहत 98% से अधिक टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क मिलेगा. इससे भारत के निर्यात, सेवा व्यापार और खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक पहुंच को मजबूती मिलेगी.
India-China Trade: FY26 के पहले चार महीनों में भारत का चीन को निर्यात 20% बढ़कर 5.76 अरब डॉलर हो गया. पेट्रोलियम और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर ने इस वृद्धि को सबसे अधिक बढ़ावा दिया.
केंद्रीय रेलवे और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने बुधवार को कहा, इस वित्त वर्ष में भारत से मोबाइल निर्यात में जोरदार शुरुआत हुई है और मई महीने में देश से 3.09 अरब डॉलर से अधिक...
भारत के फार्मा सेक्टर ने निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है. सरकारी आंकड़ों से मालूम चला है कि वित्त वर्ष 2025 से पहले ही 99 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है. भारत के ड्रग फॉर्मूलेशन व्यवसाय और सर्जिकल...