जुलाई 2026 में भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात 18% बढ़कर 12.24 अरब डॉलर हो गया. अप्रैल-जुलाई के दौरान भी निर्यात में 18.21% की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि अमेरिका और चीन जैसे बाजारों में मांग मजबूत रही.
भारत को वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए आधुनिक बंदरगाह, बेहतर सड़क-रेल नेटवर्क, IMEC कॉरिडोर और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर जोर दिया जा रहा है. पिछले छह महीनों में निर्यात में करीब 20% वृद्धि की बात कही गई है.
India Export: इंडिया एग्जिम बैंक के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत का वस्तु निर्यात 17.6% बढ़कर 131.2 अरब डॉलर रह सकता है. गैर-तेल निर्यात में भी 20.3% वृद्धि का अनुमान है.
भारत का इंजीनियरिंग गुड्स एक्सपोर्ट जून 2026 में सालाना आधार पर 21% बढ़कर 11.48 अरब डॉलर पहुंच गया. अमेरिका, चीन और ओमान जैसे बाजारों से मजबूत मांग ने निर्यात को नई रफ्तार दी.
मई 2026 में भारत का वस्तु निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 45.2 अरब डॉलर पहुंच गया. वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार अप्रैल-मई अवधि में कुल निर्यात 88.91 अरब डॉलर दर्ज किया गया.
भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2026 में 8.78 प्रतिशत बढ़कर 10.35 अरब डॉलर पहुंच गया. वैश्विक चुनौतियों और पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि दर्ज की गई.
PLI स्कीम के तहत देश में 2.16 लाख करोड़ रुपए का निवेश और 14.39 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं. मोबाइल, आईटी हार्डवेयर, दवा और टेलीकॉम उत्पादन में तेजी आई है, जिससे भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है.
ऑटो कंपोनेंट, मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे इस सेक्टर में देश के लिए निर्यात के व्यापक अवसर सामने आए हैं. यह जानकारी नीति आयोग की ओर से मंगलवार को जारी...
भारत और ओमान ने समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) किया है, जिसके तहत 98% से अधिक टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क मिलेगा. इससे भारत के निर्यात, सेवा व्यापार और खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक पहुंच को मजबूती मिलेगी.