पिछले एक साल में अंडे की कीमतों में करीब 35-40% की बढ़ोतरी हो चुकी है. पोल्ट्री फीड की बढ़ती लागत और सर्दियों में मांग बढ़ने के चलते आने वाले महीनों में अंडे और महंगे होने की संभावना है.
सरकार ने शुल्क-मुक्त कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. अब आयातकों को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने के भीतर कच्ची चीनी को रिफाइंड कर घरेलू बाजार में बेचना होगा.
प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने का फैसला किया है. 'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए 5 शहरों में 35 रुपये किलो प्याज उपलब्ध कराया जाएगा.
दालों की कीमतों में तेज उछाल आया है. उड़द 15.29%, अरहर 19.51% और मसूर के भाव में एक दिन में 35.28% की तेजी दर्ज हुई है. जानिए खुदरा बाजार में क्या हैं दाम.
मानसून की स्थिति में सुधार से खरीफ फसलों को बड़े नुकसान का खतरा कम हुआ है. 19 अगस्त तक बारिश की कमी घटकर 12.6% रह गई, जबकि खरीफ बुवाई में भी सुधार हुआ है.
चीनी के दाम में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. 20 दिन में कीमत 45 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो पहुंच गई. त्योहारों से पहले मिठाई और घरेलू खर्च पर इसका असर पड़ सकता है.
Food Inflation: खाने के तेल की कीमतों में लगातार तेजी से घरेलू बजट पर असर पड़ रहा है. सरसों के तेल के साथ पाम, मूंगफली और सूरजमुखी तेल भी पिछले साल के मुकाबले महंगे हुए हैं. सब्जियों के दाम में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
WPI Inflation July 2026: सरकार के अनंतिम आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में भारत की थोक महंगाई दर मामूली घटकर 9.78 प्रतिशत रही. जून में यह 9.87 प्रतिशत थी. हालांकि खाद्य और विनिर्मित उत्पादों की महंगाई बढ़ी, जबकि ईंधन एवं ऊर्जा श्रेणी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
July Retail Inflation 2026: भारत की खुदरा महंगाई दर जुलाई में बढ़कर 4.45% हो गई, जबकि जून में यह 4.38% थी. खाने-पीने की चीजों, रेस्टोरेंट और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी का असर महंगाई के आंकड़ों पर पड़ा.
देश में कमजोर मानसून और अल-नीनो का असर खाद्य महंगाई बढ़ा सकता है. दूध, दाल, सब्जियां, खाने का तेल और पोल्ट्री उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है. जानिए पूरी रिपोर्ट.