अधिक मास में आने वाली विभुवन संकष्टी चतुर्थी बेहद दुर्लभ और फलदायी मानी जाती है. इस बार यह व्रत 3 जून 2026 को रखा जाएगा. जानिए पूजा का शुभ समय, व्रत विधि और धार्मिक महत्व.
9 जून 2026 को अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि, प्रीति योग, आयुष्मान योग और पंचक का संयोग बन रहा है. साथ ही आज ज्येष्ठ माह का छठा बड़ा मंगल भी मनाया जाएगा.