रिपोर्ट के मुताबिक भारत के प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग का लगभग 50% हिस्सा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स से आ सकता है. इसमें अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रहने की संभावना है.
भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत स्थिति में बना हुआ है. सर्वे में 11–13% क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान जताया गया है, जबकि MSME और रिटेल सेक्टर ग्रोथ के प्रमुख स्तंभ बने रहेंगे.