भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 18 अगस्त 1942 को गाजीपुर के शेरपुर के क्रांतिकारी तिरंगा फहराने मोहम्मदाबाद तहसील पहुंचे थे. ब्रिटिश सैनिकों की गोलीबारी में 8 स्वतंत्रता सेनानियों ने शहादत दी, जिन्हें बाद में ‘अष्ट शहीद’ के नाम से जाना गया.
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.