भारत में अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान नेट FDI लगभग दोगुना होकर 6.2 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि ग्रॉस इनवर्ड FDI भी बढ़कर 58.3 अरब डॉलर हुआ. वित्तीय सेवाओं, मैन्युफैक्चरिंग, बिजली और कम्युनिकेशन सेक्टर में निवेश प्रमुख रहा. आउटवर्ड FDI के प्रमुख गंतव्य सिंगापुर, अमेरिका और UAE रहे.
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर ने FY26 की चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है. BSE 500 कंपनियों का मुनाफा 14 प्रतिशत बढ़ा, जबकि मिडकैप कंपनियों ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की.