भारत का डेटा सेंटर उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है. एनएलबी सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र में करीब 1 लाख कुशल पेशेवरों की जरूरत होगी. एआई और क्लाउड तकनीकों के बढ़ते उपयोग से रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.
एक नई रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 70% नौकरियां टियर-2 और टियर-3 शहरों में उपलब्ध हैं. मैन्युफैक्चरिंग, BFSI और रिटेल सेक्टर छोटे शहरों में रोजगार वृद्धि के प्रमुख इंजन बनकर उभरे हैं, जिससे गैर-मेट्रो क्षेत्रों में औपचारिक रोजगार तेजी से बढ़ रहा है.
PwC इंडिया का Vision 2030: अगले पांच साल में तीन गुना वृद्धि, 20,000 नई नौकरियां, टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार और तकनीक व स्किल्स में बड़ा निवेश.