India Export: इंडिया एग्जिम बैंक के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत का वस्तु निर्यात 17.6% बढ़कर 131.2 अरब डॉलर रह सकता है. गैर-तेल निर्यात में भी 20.3% वृद्धि का अनुमान है.
Services PMI July 2026: HSBC इंडिया सर्विसेज PMI डेटा के अनुसार जुलाई में सर्विस सेक्टर 53.3 पर रहा. नए निर्यात ऑर्डर, रोजगार में सुधार और मजबूत आर्थिक गतिविधियों ने सेक्टर को सहारा दिया.
RBI Governor Statement: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. निजी खपत, निवेश, सर्विस सेक्टर और निर्यात में सुधार से देश की विकास रफ्तार को मजबूती मिल रही है.
RBI Inflation Forecast: RBI ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5% रखा है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता, अल-नीनो और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव महंगाई के लिए जोखिम बने हुए हैं.
भारत में डिजिटल पेमेंट लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. जुलाई 2026 में UPI के जरिए 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.88 लाख करोड़ रुपये रही. NPCI के मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है.
SBI Research की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP Growth 7% तक पहुंच सकती है. रिपोर्ट में महंगाई, मानसून, एल नीनो और खरीफ फसलों को लेकर भी अहम अनुमान जताए गए हैं.
भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) जून 2026 में सालाना आधार पर 7.3% बढ़ा है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 7.8% और बिजली एवं गैस आपूर्ति में 10.6% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. इलेक्ट्रिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल और खाद्य उत्पादों के उत्पादन में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखने को मिली.
भारत का कपड़ा और परिधान निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3,25,339 करोड़ रुपए पहुंच गया है. सरकार के अनुसार 100 से अधिक देशों को निर्यात बढ़ा है. अमेरिका, यूएई, ब्रिटेन, बांग्लादेश और जर्मनी भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों के प्रमुख बाजार रहे, जबकि सरकार की विभिन्न योजनाओं और एफटीए का सकारात्मक असर निर्यात पर दिखाई दे रहा है.
RBI के जुलाई बुलेटिन में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. जून तक आर्थिक गतिविधियां तेज रहीं, जबकि विदेशी व्यापार, FDI, FPI और औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के संकेतकों ने भी मजबूती दिखाई.
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 96.2475 पर खुला. कच्चे तेल में तेजी और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया है. जानिए इसका आम लोगों की जेब पर क्या असर पड़ सकता है.