मिडिल ईस्ट जंग के बीच कच्चा तेल 153 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा है और श्रीलंका ने ऊर्जा बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है.
भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर फरवरी 2026 में बढ़कर 2.13 प्रतिशत हो गई. खाद्य उत्पादों, गैर-खाद्य वस्तुओं और मैन्युफैक्चरिंग कीमतों में वृद्धि इसकी प्रमुख वजह रही.
फरवरी 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21 प्रतिशत हो गई है, जो जनवरी के मुकाबले अधिक है. इस दौरान लहसुन, प्याज और आलू के दाम गिरे जबकि सोने-चांदी और टमाटर की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई.