Diesel Price Hike: देश में एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है. प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ने के कुछ ही दिनों बाद अब तेल कंपनियों ने प्रीमियम डीजल की कीमतों में भी इजाफा कर दिया है. सोमवार रात 12 बजे से लागू इस फैसले के तहत प्रीमियम डीजल करीब 1.50 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है.
इस बढ़ोतरी के साथ ही आम उपभोक्ताओं पर एक बार फिर महंगाई का दबाव बढ़ गया है. खासतौर पर यह फैसला उन लोगों के लिए ज्यादा असर डालने वाला है जो परिवहन, कृषि और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं, जहां डीजल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है.
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क्यों बढ़ाए गए दाम, क्या है बड़ी वजह
तेल कंपनियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और रुपये की विनिमय दर में कमजोरी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह है. पिछले कुछ समय से वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ा है. भारत जैसे देश, जो कच्चे तेल के आयात पर निर्भर हैं, वहां इन बदलावों का सीधा असर ईंधन की कीमतों पर देखने को मिलता है.
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी आयात लागत को बढ़ाती है, जिससे तेल कंपनियों पर कीमत बढ़ाने का दबाव बनता है.
आम आदमी और कारोबार पर असर
प्रीमियम डीजल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा. इसका सीधा असर माल ढुलाई, ट्रांसपोर्ट, कृषि और छोटे कारोबार पर पड़ेगा. दिल्ली में प्रीमियम डीजल की कीमत अब करीब 95 से 96 रुपये प्रति लीटर के बीच पहुंच गई है. जब ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ती है, तो उसका असर धीरे-धीरे सब्जी, अनाज, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी दिखने लगता है. यानी आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है.
परिवहन और कृषि क्षेत्र पर सबसे ज्यादा असर
ट्रक ऑपरेटर, बस सर्विस, लॉजिस्टिक्स कंपनियां और किसान इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. कृषि क्षेत्र में सिंचाई, ट्रैक्टर और अन्य मशीनों में डीजल का इस्तेमाल होता है. ऐसे में डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ेगी, जिसका असर उत्पादन लागत और बाजार कीमतों पर पड़ेगा. वहीं लॉजिस्टिक्स सेक्टर में डीजल सबसे बड़ा खर्च होता है, जिससे ई-कॉमर्स, किराना और रोजमर्रा की सप्लाई चेन भी प्रभावित हो सकती है.
नई कीमतें क्या हैं
तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार प्रीमियम ईंधन की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है. एक्सपी100 यानी 100 ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 149 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं एक्स्ट्रा ग्रीन प्रीमियम डीजल की कीमत 91.49 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.
कितनी हुई बढ़ोतरी
इस ताजा फैसले के तहत एक्सपी100 पेट्रोल में करीब 11 रुपये प्रति लीटर और प्रीमियम डीजल में लगभग 1.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. नई कीमतें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अब पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है.
पहले भी बढ़ चुके हैं दाम
यह पहली बार नहीं है जब हाल के दिनों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. 20 मार्च को भी सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.35 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था.
हालांकि फिलहाल सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन प्रीमियम ईंधन के दाम लगातार बढ़ने से बाजार में महंगाई का दबाव बढ़ता जा रहा है.
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है और वैश्विक तनाव कम नहीं होता है, तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. इसका असर सीधे आम आदमी के मासिक बजट पर पड़ेगा और महंगाई के स्तर में भी बढ़ोतरी हो सकती है.
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