Maharasa

भक्त भगवान का चिंतन करता है तो उसमें आ जाती है पूर्णता: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, महारास में जैसे छोटा बच्चा शीशे में अपने चित्र को देखकर नाचने लगता है। गोपांगनाओं का हृदय शीशे की तरह शुद्ध और निर्मल हो गया था, उसमें झिलमिलाते कन्हैया...
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जीभ का लाल और चिकना होना कितना है खतरनाक…, ऐसे 5 बदलाव खोल देते हैं अंदर छिपी हुई बीमारी

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