Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, विषयानन्द छोड़ोगे तभी भजनानन्द प्राप्त करोगे। प्रवृत्ति का विषयानन्द छोड़ोगे तभी निवृत्ति का नित्यानन्द प्राप्त कर सकोगे। चाय न मिलने पर जिसका सिर दुखने लगता है। वह वेदान्त को...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, स्वयं के हृदय में ही आनन्दकन्द परमात्मा की अत्यन्त निकटता का सतत अनुभव करने वाले भक्तों का हृदय हमेशा सद्भावना से लबालब भरा रहता है।
ऐसे ज्ञानी पुरुष तो अपने...
पुष्कर में संत दिव्य मोरारी बापू ने प्रवचन के दौरान कहा कि भारतीय संस्कृति हमें सुबह ईश्वर और कर्म का स्मरण करने की सीख देती है. उन्होंने लोगों से सत्कर्म, भक्ति और अन्न के सम्मान का पालन करने की अपील की.