सुख पाने की इच्छा छोड़ने वाला ही परम सुख करता है प्राप्त: दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, विषयानन्द छोड़ोगे तभी भजनानन्द प्राप्त करोगे। प्रवृत्ति का विषयानन्द छोड़ोगे तभी निवृत्ति का नित्यानन्द प्राप्त कर सकोगे। चाय न मिलने पर जिसका सिर दुखने लगता है। वह वेदान्त को क्या समझेगा? जिसका चित्त संसार के सुखों में रचा-पचा है, वह ब्रह्मचिंतन में कहां से लगेगा?
जिसको पान-सुपारी में ही रस आ रहा है, उसे हरि-भक्ति में कहां से रस आयेगा? जिसके जीवन में भोग की प्रधानता है, वह भगवान को न समझकर क्षुद्र जीवन जीता है। हम सब व्यसन के गुलाम बनने के लिए नहीं, परमात्मा के प्यारे बनने के लिए पैदा हुए हैं। बच्चों का विवाह हो और पुत्रवधू घर में आये तो वानप्रस्थी बनो। सुख प्राप्त करने की इच्छा छोड़ने वाला ही परम सुख प्राप्त करता है।
सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
Latest News

आंखें खुली और शरीर सुन्न…सोते समय क्यों लॉक हो जाता है शरीर, जानिए क्या है स्लीप पैरालिसिस

Sleep Paralysis: सोचिए किसी रात में आपकी आंख खुले और आपको कमरे के आसपास की सभी चीजें महसूस हो,...

More Articles Like This