देवली टोंक में आयोजित श्रीराम कथा के तेरहवें दिवस पर संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने नवधा भक्ति, शबरी प्रसंग और हनुमान जी के चरित्र के माध्यम से प्रभु प्राप्ति का मार्ग बताया. जानिए कथा के प्रमुख संदेश.
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान की वन लीला में केवट प्रसंग एवं भरत चरित की कथा का वर्णन किया गया। भगवान की प्रत्येक लीला में भगवान की इच्छा ही प्रधान है। कहते हैं...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान श्री सीताराम जी के विवाह में प्रधान रूप से पांच प्रसंग बताये गये हैं। नगर दर्शन लीला, पुष्प वाटिका, धनुष यज्ञ, परशुराम संवाद और श्री सीताराम विवाह। नगर...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान श्री राम चारों भाई गुरुकुल में विद्या अध्ययन करते हैं। अध्ययन सम्पूर्ण होने के बाद अयोध्या में एक ही चर्चा है कि चारों भाइयों का विवाह कहां होगा?...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रभु श्री राम की बाल लीलाओं में प्रसिद्ध बाल लीला है। जब प्रभु श्री राम बहुत छोटे थे, मां ने दूध पिलाकर उनको पालने में सुला दिया। अयोध्या के...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रभु श्रीराम का चार रूप में अवतार हुआ श्रीराम,लक्ष्मण,भरत और शत्रुघ्न। भारतीय संस्कृति में १६ संस्कार बताये गये हैं। बालक का संयोग होना भी एक संस्कार के रूप में...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, एक हजार चतुर्युगी का एक कल्प होता है, इसमें किसी न किसी त्रेता में प्रभु श्री राम का अवतार होता है। श्रीरामचरितमानस में चार कल्पों की कथा है। एक...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जीवन में यदि समता है तो समझो आप शरीर से भी स्वस्थ हैं, मन से भी स्वस्थ हैं। जीवन में समता नहीं तो आप न शरीर से स्वस्थ होंगे...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, यह आवश्यक नहीं है कि व्यक्ति जिस क्षेत्र में काम करे उसे उसमें तुरन्त ही सफलता प्राप्त हो। प्रत्येक व्यक्ति जिस काम को करता है, उसमें पूर्ण रूप से...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान शिव अपने मंगलमय चरित्र से पूरे संसार को भक्ति की शिक्षा देते हैं।कल्याण के अनेक साधन है जिसमें भक्ति सर्वोपरि है। भक्ति चिंतामणि है। जिसके घर में बस...