Divya morari bapu

संत सेवा से ही सिद्ध होते हैं योग, जप और तप: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, स्कन्द महापुराण में भगवान शंकर से भगवती पार्वती ने पूछा- सबसे अधिक आराधना योग्य कौन है? भगवान शंकर कहते हैं इस संसार में सबसे अधिक पूजनीय भगवान नारायण है।...

बड़ों का ही अनुकरण करता है बालक: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, बालक बड़ों का ही अनुकरण करता है। माँ-बाप यदि जल्दी उठकर प्रभु-स्मरण करें तो बालक के जीवन में ऐसे ही संस्कार पड़ेंगे। आपकी सन्तान के जीवन में अच्छे संस्कारों का सिंचन...

जिस दुःख में प्रभु का स्मरण रहे वही है सच्चा सुख: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जिस दुःख में प्रभु का निरन्तर स्मरण बना रहे, वह दुःख सच्चा सुख है। जिस सुख में प्रभु का स्मरण छूट जाय, वह सुख सुख नहीं, बल्कि बहुत बड़ा...

सत्संग और संयम से ही सफल होती है तीर्थयात्रा: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, हृदय को भक्तिरस में डुबोकर ही तीर्थयात्रा करो। तीर्थों में  शौक-मौज करने या निन्दा करने के लिए नहीं जाना है और न ही घूमने-फिरने की भावना से वहां पहुँचना है।...

यदि मन शुद्ध हो तो बंगले में रहकर भी बना जा सकता है भक्त: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, शरीर के स्वास्थ्य के लिए हम जितनी सावधानी रखते हैं। उतना मन के स्वास्थ्य के लिए भी सावधानी रखें, ताकि तन के साथ-साथ मन भी स्वस्थ रहे। दूसरा सब...

संत सेवा से ही सिद्ध होते हैं योग, जप और तप: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, स्कन्द महापुराण में भगवान शंकर से भगवती पार्वती ने पूछा- सबसे अधिक आराधना योग्य कौन है? भगवान शंकर कहते हैं इस संसार में सबसे अधिक पूजनीय भगवान नारायण है।...

प्रभाते करदर्शनम्’ केवल मंत्र नहीं, जीवन का संकल्प है: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, ' प्रभाते करदर्शनम् ' के पीछे अपनी संस्कृति में कितनी भव्य भावना समाई है। भारतीय संस्कृति कहती है : हे मानव !  नित्य सवेरे ब्रह्ममुहूर्त में उठकर ध्यान चाहे...

प्रभु को प्रसन्न रखने का लक्ष्य लेकर ही करें हर कार्य: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रभु को प्रसन्न रखने का लक्ष्य लेकर ही प्रत्येक काम करो। माँ अपने बालक को जब घर से बाहर लेकर निकलती हैं तो अपने अन्तर की प्रसन्नता को व्यक्त...

प्रभु की प्रसन्नता के लिए किया गया कर्म भी है भक्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रभु से मिलने की तीव्र आतुरता जिसके अन्तर में पैदा होती है, वही महान भक्त है। भक्ति भाव की पराकाष्ठा में नाम और रूप सम्पूर्ण रूप से विस्मृति हो...

सत्य और सजगता से ही जीवन बनता है सुंदर: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, मनुष्य का जीवन तो साँप के मुँह में पड़े हुए मेंढक जैसा है। उसका जीवन मौत के मुँह में है, फिर भी वासना की मक्खियों को पकड़ने के लिए...
- Advertisement -spot_img

Latest News

नहीं रहे फेमस सिंगर Brad Arnold, कैंसर ने ली जान, 47 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा..!

Brad Arnold Death: रॉक म्यूजिक को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले सिंगर ब्रैड अर्नोल्ड का शनिवार को 47...
- Advertisement -spot_img