फरीदाबादः आखिरकार कौन रही होगी वह निर्दयी मां या फिर पिता या फिर कोई और? जिसने नवजात को लोहे की ग्रील के ऊपर से फेंकना चाहा होगा, लेकिन यह नवजात ग्रील में फंस गया और उसकी मौत हो गई....
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.